जलभराव नें खोली फिर से ट्रिपल इंजन सरकार की पोल : भीष्म शर्मा
* दावे बहते दिखे बरसाती पानी में
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली : हर बरसात के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियन्त्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा दावा करते है अगली बरसात में दिल्ली में जलभराव नहीं होगा लेकिन हर बार उनके दावे बरसात के पानी में बहते दिखते हैं | यह कहना है घोंडा के पूर्व विधायक वरिष्ठ कांग्रेस नेता भीष्म शर्मा का | भीष्म शर्मा कहते हैं ट्रिपल इंजन की सरकार लगातार हर मामले में फ्लाप साबित हो रही है | भीष्म शर्मा कहते हैं जिस तरह आम आदमी पार्टी की सरकार केवल बातों की खाती थी उसी तर्ज पर यह रेखा गुप्ता सरकार भी केवल ढोल पीटती दिखती है जबकि जमीनी स्तर पर कोई भी काम नहीं करती |
भीष्म शर्मा कहते हैं दिल्ली में मंगलवार सुबह हुई बारिश नें एक बार फिर से दिल्ली सरकार को आईना दिखाया | सड़कों पर जल भराव देखने को मिला जिसने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था | आईटीओ, धौला कुआं, पटेल नगर और रोहिणी जैसे कई हिस्सों में जलभराव से यातायात बाधित रहा . सुबह के व्यस्त समय में यह बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई. उधर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर अक्षरधाम सेतु के पास भीषण जाम लगा जाम लगने से वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे | यमुनापार भी जलभराव से अछूता नहीं रहा | खुद दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के ईलाके में पर्यटन जैसा माहौल देखने को मिल रहा था | लोग थाने वाले रोड पर नाव चलते देखे गए | सडक पर स्कूल जाते बच्चे और अभिभावक घुटने-घुटने भरे पानी से निकलते देखे गए |
भीष्म शर्मा कहते हैं बीते दिन भी भारी बारिश के कारण दिल्ली की सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे ऑफिस और स्कूल जाने वालों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बारिश के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं | कोई जलभराव में नाव चला रहा है तो कोई जलभराव में फंसे वाहन दिखा रहा है लेकिन दिल्ली की फेंकू सरकार को कोई शर्म नहीं आ रही | उलटे मीडिया में झूठी बयानबाजी कर रहे हैं दावे कर रहे हैं पिछली बार से इस बार जलभराव कम हो रहा है |
भीष्म शर्मा कहते हैं भाजपा सरकार नें जलभराव को ले कोई होमवर्क नहीं किया ,वे कहते है जब कांग्रेस की सरकार थी मुख्यमंत्री ,मंत्री और खुद विधायक कई-कई माह पहले तैयारी में लग जाते थे ,अधिकारीयों के साथ निरीक्षण किया करते थे खुद सिस्टम की निगरानी करते थे जबकि भाजपा की लापरवाह सरकार नें इस बाबत कोई जमीनी तैयारी नहीं की बल्कि अधिकारीयों के भरोसे पूरे सिस्टम को छोड़ दिया जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता उठा रही है |



