Dimple Yadav Comment Controversy: डिंपल यादव पर टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिद रशीदी की टीवी स्टूडियो में सपा कार्यकर्ताओं ने की पिटाई, वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश की मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिद रशीदी को नोएडा के एक टीवी स्टूडियो में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने थप्पड़ मारकर सबक सिखाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
यह घटना एक न्यूज चैनल के लाइव डिबेट से पहले की बताई जा रही है, जब मौलाना साजिद रशीदी स्टूडियो में खड़े होते हैं, तभी सपा से जुड़े कुछ युवा नेता अचानक उनकी ओर बढ़ते हैं और उन्हें थप्पड़ों से पीट देते हैं। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि मौलाना के चारों ओर लोग घिर जाते हैं और उनसे पहले वह कुछ समझ पाते, ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसने लगते हैं।
पिटाई करने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान समाजवादी पार्टी से जुड़े तीन नेताओं के रूप में हुई है। इनमें शामिल हैं – सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव श्याम सिंह भाटी, सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर, और छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी। इन कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अपनी नेता का अपमान किसी भी हालत में सहन नहीं कर सकते। डिंपल यादव के खिलाफ मौलाना की टिप्पणी बेहद अभद्र और असहनीय थी, इसलिए यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक और आवश्यक थी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सांसद डिंपल यादव ने कुछ दिन पहले एक मस्जिद का दौरा किया था। इस दौरान उनके कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें वह बिना सिर ढके मस्जिद में नज़र आईं। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने बेहद आपत्तिजनक और निजी टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन एक मोहतरमा की पीठ की तस्वीर देखकर शर्म आ जाएगी। वो नंगी बैठी हैं।” मौलाना ने उनकी तुलना एक अन्य मुस्लिम महिला से की, जो सिर ढककर मस्जिद गई थीं।
मौलाना के इस बयान को न सिर्फ समाजवादी पार्टी ने बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम जनता ने भी घोर आपत्तिजनक बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बयान को लेकर खासा आक्रोश था, जिसका नतीजा इस पिटाई के रूप में सामने आया।
अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां कुछ लोग कार्यकर्ताओं के इस कदम को ‘नेतृत्व के सम्मान’ की रक्षा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कानून हाथ में लेने की आलोचना भी हो रही है।
पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन चूंकि यह घटना स्टूडियो में हुई और इसका वीडियो साक्ष्य मौजूद है, इसलिए कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



