यमुना की सफाई के दावे मानसून के साथ बहते दिख रहे हैं : भीष्म शर्मा

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भीष्म शर्मा
यमुना की सफाई के दावे मानसून के साथ बहते दिख रहे हैं : भीष्म शर्मा

यमुना की सफाई के दावे मानसून के साथ बहते दिख रहे हैं : भीष्म शर्मा

चुनावी वादा साबित हो रहा है बड़ा जुमला

– हर्ष भारद्वाज –

नई दिल्ली , भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के अलावा प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी नें खुद यमुनापार की एक जनसभा में वादा किया था यदि दिल्ली की जनता नें डबल इंजन की सरकार बनवाई तो दिल्ली में यमुना को साफ़ किया जाएगा और दिल्ली की जनता साफ़ यमुना में डुबकी लगाएगी | दिल्ली की जनता नें तो प्रधानमन्त्री की बात मान ली और डबल तो क्या भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार दिल्ली में बन गई लेकिन यमुना की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई और प्रधानमन्त्री सहित दिल्ली की ट्रिपल इंजन सरकार अपना वादा भूल गई |

यह कहना है कांग्रेस के पूर्व विधायक भीष्म शर्मा का | भीष्म शर्मा कहते हैं विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा खूब उछला। मामला चुनाव आयोग तक जा पहुंचा। अब जनादेश भाजपा के पक्ष में आया है। इस विश्वास के साथ कि अब यमुना को भी साबरमती की तरह पुनर्जीवित किया जाएगा। जैसे अहमदाबाद में विश्वस्तरीय रिवर फ्रंट बनने से साबरमती को नया जीवन मिला, वैसे ही यमुना का भी विकास होगा। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा |

भाजपा नेताओं नें नौटंकी तो खूब की यमुना आरती के नाम पर लोगो को बरगलाने का प्रयास किया ,जल मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री नें भी यमुना में मोटर बोट में बैठ फोटो सेशन कर यह जताने का प्रयास किया यमुना की सफाई को ले दिल्ली सरकार कुछ करने जा रही है लेकिन नतीजा शून्य ही रहा |

भीष्म शर्मा कहते हैं यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए योजनाएं तो बहुत हैं, लेकिन अमल में कमी है। जब तक प्रशासन, स्थानीय लोग और सरकार मिलकर ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक यमुना को बचाना मुश्किल होगा। लंदन, जर्मनी और अमेरिका की तरह ठोस कानून, कड़े नियम और जागरूकता से ही यमुना को फिर से स्वच्छ बनाया जा सकता है। भीष्म शर्मा कहते हैं डीपीसीसी की रिपोर्ट अनुसार यमुना के पानी में प्रति लीटर बीओडी का स्तर वजीराबाद में 11, आईएसबीटी पुल मे 47, आईटीओपुल 70, निजामुद्दीन पुल में 74 औखला बैराज 46 और असगरपुर में 24 है जबकि डीओ का प्रति लीटर स्तर पल्ला में 4.4, वजीराबाद में 3.4, आईएसबीटी पुल, निजामुद्दीन पुल, औखला बैराज मे शून्य और असगरपुर में 0.9 दर्ज किया है, जो बेहद चिंताजनक है।

आईटीओ बेराज के पास फेकल कोलीफॉर्म 92 लाख एमपीएन प्रति एमएल पहुॅच गया जो पिछले महीने जून में 35 लाख दर्ज किया गया जो फरवरी में 43 लाख था। फेकल कोलीफॉर्म असगरपुर में फरवरी में 1.60 करोड़ पहुॅच गया था, जो जुलाई में 7.9 लाख है। भीष्म शर्मा कहते हैं घरों से निकलने वाली गंदगी, नालो की गाद बिना अवरोध के यमुना में गिर रही है और यमुना किनारे लोगों के खुले में शौच जाने के कारण यमुना में फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा अत्यधिक बढ़ रही है और वर्ष के पानी के साथ मलमूत्र नदी में गिरने से आईटीओं के पास फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा बढ़ना अत्यंत चिंताजनक है। यही नही जनकपुरी में पानी के सैंपल चेक करने के बाद घरों तक पहुॅचने वाला पानी प्रदूषित पाया गया है जिसके लिए एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड की शिकायत की है। भेस्श्म शर्मा कहते हैं ट्रिपल इंजन सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ा करती भाजपा को यह समझ लेना चाहिए |

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