
बोट क्लब बना बेजुबानों का मसीहा : चलाया 2 घंटे सर्च ऑपरेशन 6 कुत्ते रेस्क्यू बकरियों और बिल्लियों को भी पहुंचाया सुरक्षित स्थानों पर
– रविन्द्र कुमार –
नई दिल्ली ,यमुना ने जहां अपना प्रलयकारी रूप दिखाना शुरू किया हुआ है इसी दरमियान अपनी कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत की मिसाल भी देखने को मिल रही है जिसमें बेजुबान पशुओं के मसीहा बन कर निकले हैं बोट क्लब के सुपर हीरो, जिन्होंने यमुना के पानी में फंसे सैकड़ों गाएं,बकरियां,कुत्ते,बिल्लियां आदि को बाहर निकालकर नया जीवन दिया है। गौरतलब है कि यमुना की स्तिथि से सभी अवगत है और समय रहते यमुना तटवर्ती इलाकों से सुरक्षित स्थानांतरित हो चुके है कुछ ऐसे भी रहे जो चेतावनी को हल्के में लेकर बेपरवाह भी नजर आए।
ऐसे जितने भी लोग थे जिन्हें लास्ट मूवमेंट पर सहायता मांगी और बोट क्लब टीम द्वारा बाहर निकाले गए। ऐसे कॉल का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा और जगह जगह से आई कॉल पर जाकर टीम जाती और नाव में लोगों के अलावा मवेशियों को भी लेकर आ रही थी जिनमें कुत्ते ,बिल्ली, बकरियां आदि थे । हैरतअंगेज मोड़ उस समय आया जब सुबह करीब 10 बजे अक्षरधाम के पास यमुना खादर में कुत्तों के पानी में फंसे होने की कॉल आती है बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार ने इंसानियत दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई से अपने गोताखोर कॉल पर रवाना किए और यमुना के पानी में 2 घण्टे की मशक्कत के बाद 6 कुत्ते बाहर लेकर आए ।
जिनमें 6 माह के 4 बच्चे भी शामिल थे। कॉलर गौरव शर्मा ने बताया कि हम अक्सर कुत्तों को खाना खिलाने आते है पिछले 2 दिन से यह समूह लापता दिखा जांच में सामने आया कि लास्ट बार यह समूह यमुना खादर के जंगल में देखा गया था। आखिरकार बोट क्लब टीम ने कड़ी मेहनत कर बाढ़ग्रस्त जंगल से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला है यह किसी ईश्वरीय वरदान बनकर आए हैं। ऐसी कॉल के संबंध में हरीश कुमार ने बताया कि हम पीड़ित जानवरों की कॉल को भी उसी तरह सीरियस लेते है जैसे किसी इंसान की इंसान मदद मांग लेता है अब इसी केस में सामने आया कि यह कुत्तों का समूह पिछले 2 दिनों से बाढ़ में भूखा फंसा हुआ था बेजुबान बेचारे कैसे मदद मांगे। यह हमारा फ़र्ज़ भी है।इसी तरह टीम सैकड़ों गाएं और इसी तरह के जानवरों को बाहर निकाल चुकी है। सच कहूं,तो दिल में बेहद सुकून का भाव आता है जब हमारी कोशिश द्वारा किसी की जान बच जाती है।
शाम के वक्त दिल को झकझोर देने वाला वाक्य सामने आया जिसमें सिग्नेचर ब्रिज से किसी से बोट क्लब टीम के एक सदस्य के किसी परिचित ने उन्हें कॉल कर बताया कि यमुना की बीच धारा में लकड़ी के ऊपर एक कुत्ता बहता हुआ आ रहा है। बस फिर क्या था बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार ने तुंरत उफनती यमुना में टीम रवाना रवाना की और संवाददाता खुद उस बोट से यह नजारा देख है एक कुत्ता बिल्कुल कंपकपाता कई किलोमीटर दूर से एक झोपडी की घास फूस की छत पर यमुना की बीच धारा में बहता हुआ आ रहा है। टीम ने जाबांजी दिखाते हुए उस कुत्ते को यमुना से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर छोड़ा।


