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लगातार कई चुनाव हारने के बाद समय से पहले सक्रिय हुए भीष्म शर्मा

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भीष्म शर्मा
लगातार कई चुनाव हारने के बाद समय से पहले सक्रिय हुए भीष्म शर्मा

लगातार कई चुनाव हारने के बाद समय से पहले सक्रिय हुए भीष्म शर्मा

* बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में जुटे

– अश्वनी भारद्वाज –

नई दिल्ली ,देर आये लेकिन दुरुस्त आये ,आखिर विधानसभा के लगातार कई चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेता भीष्म शर्मा को संगठन के महत्व की समझ आने लगी है | और अब वे घोंडा विधानसभा में कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुट गए है | उन्हें इस काम में कितनी कामयाबी मिलेगी यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन बुजुर्गों का कहना है की हुई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती बशर्ते की मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए | और पिछली गलतियों से सबक लेकर जो व्यक्ति आगे बढ़ता है उसे आगे बढने से कोई रोक नहीं सकता |

पिछली गलतियों की चर्चा हम फिर कभी करेगें आज तो उनकी सक्रियता की ही बात करना चाहेगें | घोंडा में पिछले चार दशक से कांग्रेस की सियासत में भीष्म का एकक्षत्र राज रहा है स्व. एच;के एल.भगत से ले सुभाष चोपड़ा तक हर किसी नें भीष्म को फ्री हैण्ड दिया लेकिन अनिल चौधरी नें भीष्म के पर कतरने का काम बड़ी दिलेरी से किया और घोंडा से नगर निगम की दो टिकिट अपने चहेतों को दी इतना ही नहीं एक ब्लाक अध्यक्ष भी उनकी मर्जी के खिलाफ दे दिया | इस टोपिक पर भी कभी बाद में चर्चा बनती है | राजनीती के पुराने खिलाडी भीष्म इस बार बाज़ी पलटने में कामयाब रहे और सन्गठन पुनर्गठन के तहत अपनी विधानसभा के तहत चारों ब्लाक अध्यक्ष अपनी पसंद के बनवाने में कामयाब हो गए जो उनके विरोधियों को रास नहीं आ रहे लेकिन भीष्म उनके ईरादे भांपते हुए सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने पूरी विधानसभा में अभी से गोटियाँ बिछानी शुरू कर दी हैं समझ गए न आप कहाँ कौन सी चाल चलनी है और किसको कहाँ इस्तेमाल करना है आदि |

भीष्म शर्मा को हम कालेज समय से जानते है वे श्यामलाल कालेज छात्र संघ के अध्यक्ष थे तो हम सत्यवती कालेज छात्र संघ के | अब तो आप समझ ही गए होंगे हम उन्हें कितनी बारीकी से जानते है | आप भी सोच रहे होंगे बात उनकी सक्रियता की चल रही थी और हम कहाँ पहुंच गए | छात्र राजनीती से निकले चेहरे को घेरना आसान नहीं होता यानी राजनीती की नर्सरी से भीष्म यहाँ तक पहुंचे है | ब्लाक अध्यक्ष से ले जिला अध्यक्ष और प्रदेश सन्गठन में कई बड़ी जिम्मेदारियं निभा चुके भीष्म को घेरना बच्चों का खेल नहीं है | रही चुनाव में हार जीत की बात चुनाव पार्टी के सिंबल पर लड़ा जाता है जिस पार्टी का माहौल होता है जीत उसी की होती है लेकिन उसके लिए जमीन तैयार करनी होती है जो भीष्म को शायद अब समझ आई है |

अब भीष्म नें हर महीने कार्यकर्ताओ की बैठक और वह भी भोजन के साथ यानी लंच पर बुलानी शुरू कर दी है जिसमे भागीदारी लगातार बढ़ रही है | कल पितृ अमावस्या पर भी भीष्म नें करीब दो सौ कार्यकर्ताओं को बुलाया जिनमे से आये भी काफी इस पवित्र मौके पर भीष्म नें दोहरा पुन्य कमाया कार्यकर्ता भी खुश और अमावस्या के दिन दान पुन भी उनके खाते में जुड़ा | भीष्म की सभा में ब्लाक अध्यक्ष राज कुमार शर्मा,राकेश पारचा , मुख्तयार सिंह , आचार्य राजन शर्मा , चौधरी रोहताश सिंह , महेंद्र पाराशर अध्यक्ष ब्राह्मण समाज यमुना विहार सहित सैकड़ों की संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे | आज बस इतना ही …

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