Home धर्म-कर्म Basant Goyal: पावन धाम वृंदावन तक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया...

Basant Goyal: पावन धाम वृंदावन तक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया गया : बसंत गोयल

0
15

Basant Goyal: पावन धाम वृंदावन तक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया गया : बसंत गोयल

नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : पावन धाम वृंदावन तक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया गया | इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा में देशभर के महामंडलेश्वर, अखाड़ा प्रमुख, धर्माचार्य, सन्यासी, कथावाचक, सनातन प्रेमी, धर्मप्रेमी युवा, समाजसेवी एवं श्रद्धालु हजारों की संख्या में शामिल हुए। ढोल नगाड़े, बैंड, डीजे, झांकियां, पैदल, मोटरसाइकिल, स्कूटर, बस, ट्रॉली, ट्रैक्टरों से भर कर, आसपास के जिलों से सनातनी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। सनातनियों का यह हजूम संतान की रक्षा और प्रचार के लिए वृंदावन रवाना हुआ। रास्ते भर में धर्म प्रेमियों ने इस पदयात्रा के हजूम का स्वागत पुष्प वर्षा से किया। गांव के लोग बुलडोजर से पुष्प वर्षा भी कर रहे थे। उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस की तरफ से भी व्यापक सुरक्षा का इंतजाम था। जय श्री राम के गगनचुंबी नारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जेवर के विधायक भी सम्मिलित हुए। पद यात्रियों के लिए व्यापक भोजन प्रसाद का, हलवा प्रसाद और मीठे पानी की छबील का भी प्रबंध किया गया था। पूरे रास्ते धर्म प्रेमियों ने स्वागत के अलावा चाय पानी नाश्ते की भी व्यवस्था की हुई थी। इस पावन यात्रा के आयोजन एवं प्रचार-प्रसार में सन्नी चौधरी, प्रदीप ढाका एवं मन्नू पहाड़ी भी सक्रिय रूप से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।सभी युवा सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और हिंदू एकता के इस महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाने में निरंतर सहयोग किया। उद्योगपति, समाजसेवी एवं गोयल मेडिकोज के संस्थापक डॉ. बसंत गोयल भी इस पवित्र पदयात्रा में सहभागिता की और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं राष्ट्र जागरण के इस अभियान को अपना भरपूर समर्थन दिया। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन संस्कृति, हमारी धार्मिक आस्था और हिंदू समाज की एकता का प्रतीक बनने जा रही है।
“एक ध्येय • एक मंत्र • एक संकल्प” के संदेश के साथ निकलने वाली यह पदयात्रा समाज में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने का कार्य करेगी। आज के समय में जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है, तब इस प्रकार की यात्राएं उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरण ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना भी है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन और धर्म संदेशों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाया। यह पदयात्रा गोविंदगढ़ (जेवर) से प्रारंभ होकर जेवर, हमीदपुर, टप्पल, कंसेरा, बाजना, नौहझील और माट जैसे विभिन्न स्थानों से होती हुई श्रीकृष्ण की पावन नगरी वृंदावन पहुंचेगी। यात्रा का हर पड़ाव सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समाज को जोड़ने का माध्यम बनेगा। इस दौरान धर्माचार्यों, संतों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों द्वारा समाज को एकजुट रहने, भारतीय संस्कृति को अपनाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया। डॉ. बसंत गोयल ने सभी सनातन प्रेमियों और युवाओं से इस पदयात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की थी और कहा कि यह समय अपनी संस्कृति और सभ्यता को मजबूत करने का है। जब समाज एकजुट होकर धर्म और राष्ट्र के लिए आगे बढ़ता है, तभी एक सशक्त और जागरूक भारत का निर्माण होता है। यह यात्रा सनातन धर्म की शक्ति, आस्था और एकता का भव्य प्रतीक बनेगी, जो आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देगी। हम सभी इस पावन और ऐतिहासिक संकल्प यात्रा का हिस्सा बनकर और सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना तथा हिंदू एकता के इस महाअभियान को सफल बनाने में अपना योगदान आगे के कार्यक्रमों में भी दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here