Delhi Farmers: फसल क्षति मुआवजा बढ़ाने का निर्णय किसान के लिए बड़ी राहत : राजकुमार बल्लन
नई दिल्ली (सी.पी.एन.न्यूज़ ): दिल्ली सरकार द्वारा फसल क्षति पर किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर किए जाने के निर्णय का भाजपा किसान मोर्चा, दिल्ली प्रदेश के प्रभारी राजकुमार बल्लन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार और कैबिनेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों के कल्याण, सम्मान और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निर्णय दिल्ली के कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा और किसानों में सरकार के प्रति भरोसा और अधिक बढ़ाएगा। इसका स्वागत करते हुए इसे किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम बताया है। राजकुमार बल्लन ने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली में लगातार हुई भारी वर्षा, जलभराव और प्राकृतिक नालों के उफान के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राजधानी में लगभग 10,977.44 एकड़ (करीब 4,442.41 हेक्टेयर) कृषि भूमि प्रभावित हुई थी, जिससे हजारों किसान परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे समय में किसानों को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय उनकी परेशानियों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह फैसला लिया है। इस निर्णय से राजधानी के लगभग 10 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें फसल नुकसान की भरपाई करने और दोबारा खेती के लिए तैयार होने में सहायता मिलेगी। राजकुमार बल्लन ने बताया कि वर्ष 2015 में फसल क्षति की स्थिति में किसानों को लगभग 49,421 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन खेती की लागत, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी खर्च में लगातार हुई वृद्धि को देखते हुए सहायता राशि को बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाना किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से उबारने के लिए ऐसी योजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं। भाजपा किसान मोर्चा लंबे समय से किसानों को अधिक राहत और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करता रहा है। दिल्ली सरकार का यह निर्णय किसानों के मनोबल को मजबूत करेगा तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।



