जहाँगीर पुरी में जलभराव से लोग परेशान, पीडब्ल्यूडी के नालों की निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल : एम.एल.भास्कर
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : बारिश होते ही जहाँगीर पुरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप ले रही है। क्षेत्र की कई गलियों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बारिश का पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के नालों की उचित सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश के बाद ही सड़कें और गलियां पानी से भर जाती हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर रोहिणी जिला कांग्रेस कमेटी एससी/एसटी विभाग के चेयरमैन एम. एल. भास्कर ने दिल्ली सरकार एवं संबंधित विभागों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मानसून से पहले जलभराव वाले क्षेत्रों और नालों की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है। नालों में गाद, कूड़ा-कचरा और अन्य गंदगी जमा होने के कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पाता और सड़कों पर कई घंटों तक जमा रहता है। एम. एल. भास्कर ने कहा कि जहाँगीर पुरी के लोगों को हर वर्ष बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है। कई स्थानों पर पानी घरों और दुकानों के सामने तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जलभराव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से क्षेत्र में मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और रोजमर्रा के काम के लिए बाहर निकलने वाले नागरिकों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक और राहगीर दुर्घटनाओं का भी शिकार हो जाते हैं। एम. एल. भास्कर ने पीडब्ल्यूडी और संबंधित विभागों से मांग की कि जहाँगीर पुरी के सभी जलभराव संभावित स्थानों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा पीडब्ल्यूडी के नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराकर उनकी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल बारिश के समय पंप लगाकर पानी निकालना स्थायी समाधान नहीं है। नालों की नियमित सफाई, गाद की निकासी और पानी के प्राकृतिक बहाव को सुचारु करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित विभागों को कागजी कार्रवाई एवं घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर काम करना होगा। जहाँगीर पुरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की योजना तैयार की जानी चाहिए।



