Home क्राइम ISI Spy Network: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क...

ISI Spy Network: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, पति-पत्नी गिरफ्तार

0
5

ISI Spy Network: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, पति-पत्नी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक कथित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों वर्ष 2024 से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया तथा एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए कथित जासूसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पुलिस अब आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और पाकिस्तानी हैंडलर्स से उनके कथित संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज को दिल्ली-NCR में सक्रिय पाकिस्तान समर्थित कथित जासूसी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तान पहुंचाने और भारत से संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश करने वाले कथित नेटवर्क के बारे में सुराग मिले।

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मोहम्मद साहिल की भूमिका सामने आई। साहिल कथित तौर पर पहले एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया था। इसके बाद उसका संपर्क एक कथित पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव यानी PIO से कराया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि साहिल का इन लोगों से संपर्क किस माध्यम से हुआ और उसे किस तरह के निर्देश दिए जाते थे।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2025 के दौरान साहिल और समीरा ने कथित तौर पर आठ भारतीय SIM कार्ड जुटाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे। इसके बदले दोनों को करीब 30 हजार रुपये मिलने का दावा किया गया है। पुलिस इस कथित भुगतान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान भेजे गए भारतीय SIM कार्ड का इस्तेमाल वहां WhatsApp अकाउंट सक्रिय करने के लिए किया गया। पुलिस का आरोप है कि भारतीय मोबाइल नंबरों से संचालित इन अकाउंट्स के जरिए भारतीय WhatsApp ग्रुपों में शामिल होकर जानकारियां जुटाने की कोशिश की गई।

स्पेशल सेल यह पता लगाने में जुटी है कि इन SIM कार्ड से कितने ऑनलाइन अकाउंट बनाए गए, वे किन लोगों द्वारा संचालित किए जा रहे थे और भारतीय WhatsApp ग्रुपों से किस प्रकार की जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई।

पुलिस का आरोप है कि साहिल की भूमिका केवल SIM कार्ड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं थी। उसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में स्थित छावनी और सैन्य क्षेत्रों की रेकी करने का काम भी कथित तौर पर सौंपा गया था।

इसके अलावा साहिल से उन सैन्यकर्मियों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए भी कहा गया था, जिनके खिलाफ कोर्ट मार्शल से संबंधित कार्यवाही ट्रिब्यूनल में लंबित थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि साहिल ने इस संबंध में वास्तव में कितनी जानकारी हासिल की और क्या कोई संवेदनशील सूचना पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाई गई।

साहिल से पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी समीरा की कथित भूमिका भी सामने आई। पुलिस का दावा है कि पाकिस्तानी संस्थाओं तक भारतीय SIM कार्ड पहुंचाने में समीरा की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए लिया गया। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन के फॉरेंसिक विश्लेषण के दौरान साहिल, समीरा और कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच WhatsApp चैट समेत कई संदिग्ध बातचीत सामने आई हैं।

इन डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बातचीत किन नंबरों और अकाउंट के जरिए हुई, ये अकाउंट कहां से संचालित किए जा रहे थे और आरोपियों को किस तरह के निर्देश दिए जाते थे।

स्पेशल सेल के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स के कथित तौर-तरीकों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां इस जानकारी की मदद से पूरे मॉड्यूल की संरचना और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस का दावा है कि इस ऑपरेशन से पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स द्वारा एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी मिली है। आरोप है कि इन माध्यमों का इस्तेमाल भारत में ओवर-ग्राउंड वर्कर्स और संभावित स्लीपर सेल से संपर्क और समन्वय स्थापित करने के लिए किया जा रहा था।

अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि साहिल और समीरा के अलावा भारत में कितने अन्य लोग इस कथित नेटवर्क के संपर्क में थे। आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद नंबर, चैट, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के आधार पर संभावित संपर्कों की पहचान की जा रही है।

पुलिस उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने आरोपियों को भारतीय SIM कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की हो सकती है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि SIM कार्ड किन दस्तावेजों पर जारी हुए थे और उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने के लिए किस चैनल का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस की जांच में आरोपियों की व्यक्तिगत और पेशेवर पृष्ठभूमि भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मोहम्मद साहिल का जन्म वर्ष 2001 में हुआ था। उसने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी IGNOU से बीए की पढ़ाई की थी।

इसके बाद साहिल ने LLB करने की योजना बनाई और कानूनी क्षेत्र का अनुभव हासिल करने के लिए एक वकील के साथ काम करना शुरू किया। बताया गया है कि उसने जून 2025 में यह नौकरी छोड़ दी थी। जांच में उसके इस दौरान बने संपर्कों की भी आवश्यकता के अनुसार पड़ताल की जा सकती है।

पुलिस के मुताबिक, साहिल की मुलाकात वर्ष 2022 में समीरा से हुई थी और बाद में दोनों ने शादी कर ली। साहिल के पिता मोहम्मद अशफाक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले बताए गए हैं। वह वर्ष 1982 में दिल्ली आए थे और सराय काले खां इलाके में बस गए। वह कार मैकेनिक का काम करते हैं।

वहीं, समीरा का जन्म वर्ष 2005 में हुआ बताया गया है। उसने दिल्ली से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉरेस्पोंडेंस के माध्यम से बीए किया। गिरफ्तारी से पहले वह नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी।

समीरा के पिता नदीम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले बताए गए हैं। वह वर्ष 1996 में दिल्ली आए और शकूरपुर इलाके में रहने लगे। पुलिस आरोपियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ उन संपर्कों की जांच पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनका संबंध कथित जासूसी गतिविधियों से हो सकता है।

स्पेशल सेल का दावा है कि इस कार्रवाई के जरिए पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स द्वारा संचालित कथित जासूसी गतिविधियों के एक मॉड्यूल को निष्क्रिय किया गया है। हालांकि आरोपियों पर लगे सभी आरोप जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

फिलहाल मोहम्मद साहिल और समीरा से पूछताछ के साथ उनके डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है। पुलिस कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स की पहचान, भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तान पहुंचाने की पूरी कड़ी, सैन्य क्षेत्रों से संबंधित कथित रेकी और भारत में मौजूद संभावित संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here