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एस आई आर से ठीक पहले 11 लाख, फिर ड्राफ्ट सूची से 47.56 लाख वोटो का कटना संदेह पैदा करता है : आदेश भारद्वाज

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आदेश भारद्वाज

एस आई आर से ठीक पहले 11 लाख, फिर ड्राफ्ट सूची से 47.56 लाख वोटो का कटना संदेह पैदा करता है : आदेश भारद्वाज

नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर ) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 47.56 लाख नाम शामिल नहीं किए गए हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इसे लोकतंत्र पर हमला और मतदाताओं के अधिकारों का हनन बताते हुए चुनाव आयोग पर पारदर्शिता की कमी और प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर 2025 विधानसभा चुनावों के बाद इतने बड़ी संख्या में वोट कटते हैं तो फिर 2025 विधानसभा चुनावो की विश्वनीयता पर भी सवाल उठेंगे। इस मामले पर करावल नगर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश भारद्वाज ने भी बीजेपी की केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव के समय दिल्ली में लगभग 1.56 करोड़ मतदाता थे। एस आई आर शुरू होने से पहले ही करीब 11 लाख नाम सूची से बाहर कर दिए गए। उसके बाद अब ड्राफ्ट रोल में सिर्फ 97.53 लाख मतदाता बचे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इनमें से अधिकांश अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट श्रेणी में रखे गए। तोए अब सवाल यह उठता है कि एक साल में ही इतनी बड़ी संख्या में नाम कैसे कट गए, जबकि महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में भी इतने बड़े पैमाने पर कटौती नहीं हुई। 1.56 करोड़ मतदाताओं को गणना फॉर्म क्यों नहीं वितरित किए गए? बीएलए को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और गरीब-मजदूर वर्ग तथा अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों को निशाना बनाकर उनके वोट काटने का कार्य किया जा रहा है। आदेश ने जोर दिया कि चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान बूथ पर पहले 729 मतदाता थे, लेकिन एस आई आर के बाद सिर्फ एक नाम बचा है। झुग्गी बस्तियों और मजदूर वर्ग वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर नाम कटे हैं। ओखला, तुगलकाबाद, बुराड़ी और बदरपुर जैसे क्षेत्रों में 40 प्रतिशत से अधिक कटौती दर्ज की गई। लोकतंत्र में किसी भी योग्य मतदाता को वोटिंग अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। 30 सितंबर तक फॉर्म-6 भरकर अपना मतदाता होने का दावा किया जा सकता है, अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी होनी है। लेकिन व्यापक स्तर पर अनियमितताएं होने के बावजूद चुनाव आयोग आँख मूंदे बैठा है। आदेश भारद्वाज ने पूरी दिल्ली कांग्रेस की तरफ से चुनाव आयोग से पूरी पारदर्शिता, प्रभावित मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

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