बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है बुराड़ी की जनता : आदेश भारद्वाज
सुचारू रूप से साफ पानी की सप्लाई करने मांग की
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : भीषण गर्मी में बूंद बूंद पीने के पानी को तरस रहें हैं बुराड़ी के लोग, यह कहना है करावल नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आदेश भारद्वाज का। उनका कहना है कि पूरी बुराड़ी विधानसभा में पिछले लगभग दो महीने से जल आपूर्ति ना के बराबर हो रही है जिसके चलते क्षेत्रीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सब की जानकारी मुझे कुछ अलग अलग कालोनियों के निवासियों ने व्यक्तिगत रूप से मिलकर व फोन द्वारा दी गई !
आदेश भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय पत्र लिखकर क्षेत्र में सुचारू रूप से साफ पानी की सप्लाई करने मांग की है | आदेश भारद्वाज ने बताया कि उनको पिछले लगभग महीने भर से मुकुंदपुर, कंडक्टर कालोनी, बाबा कालोनी, सुनील कालोनी, तोमर कालोनी, अजीत विहार, प्रधान एनक्लेव, अमृत विहार, संतनगर व झड़ौदा जैसे इलाको से कुछ लोगो के पानी ना आने के, टैंकर सप्लाई न होने और कई जगह पानी तो आया लेकिन पाइप लाइनों से गन्दा पानी सप्लाई होने के फोन आ रहे थे, जबकि कई लोगो ने व्यक्तिगत रूप से भी इस समस्या से अवगत कराया ! मुझे लोगो ने बताया कि उनको मजबूरीवश प्राइवेट पानी सप्लायरों से बोतल जार का पानी खरीदकर प्रयोग करना पड़ रहा है |
आदेश भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में पानी की किल्लत और गंदे पानी की आपूर्ति ने दिल्लीवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। सरकार के दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा पर्याप्त पानी की आपूर्ति न होने और जो पानी आता है, वह बदबूदार, कीचड़युक्त और दूषित होने से लोग परेशान हैं। कई इलाकों में नल सूखे पड़े हैं, और टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं। दूषित पानी के कारण पेट की बीमारियां, त्वचा रोग और डेंगू जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।सरकार ने हर घर स्वच्छ पानी का वादा किया था, लेकिन हकीकत में पाइपलाइनों का रखरखाव नाकाफी होने के चलते, और 52% पानी चोरी या लीकेज में बर्बाद हो जाने के चलते दिल्लीवासियों का सवाल है कि जब पानी की मांग 1250 एमजीडी प्रतिदिन है और आपूर्ति केवल 990 एमजीडी , तो सरकार ठोस कदम क्यों नहीं उठाती? हाल के दिनों में सोनिया विहार और वजीराबाद जैसे जल शोधन संयंत्रों की मरम्मत के नाम पर आपूर्ति और बाधित रही। जनता पूछती है, आखिर कब तक झूठे वादों का बोझ ढोना पड़ेगा? सरकार
चुने हुए 4 महीने बीत गए लेकिन सरकार हर मामले पर चुप्पी लगाए बैठी है। सरकार को अब जवाब देना होगा।



