बरसात और बाढ़ की चपेट में आई फसल का मुवावजा दे सरकार : अरुण तोमर
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : इस साल मानसून की रिकार्ड बरसात तथा यमुना में आई बाढ़ से राजधानी दिल्ली के हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो गई है | यह कहना है आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व सन्गठन मंत्री अरुण तोमर का | अरुण तोमर कहते है ट्रिपल इंजन की सरकार को हुए नुकसान का आंकलन कर किसानों को मुवावजा देना चाहिए | अरुण तोमर कहते हैं दिल्ली के किसानों ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार ने मानसून की बारिश से बर्बाद हुए किसानों की दुर्दशा को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोगों के साथ-साथ किसान भी यमुना में बाढ़ की चपेट में आ गए है। दिल्ली की भाजपा सरकार की निष्क्रियता के कारण यमुना में हथनीकुंड बैराज से बड़ी मात्रा में छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के कारण निचले तटीय क्षेत्रों में पानी भरने से कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ है। अरुण तोमर नें कहा कि जब आप पार्टी सत्ता में थी, जब भी बारिश, बाढ़ या ओलावृष्टि के कारण फसल का नुकसान होता था, तो प्रति एकड़ तक की त्वरित वित्तीय राहत प्रदान की जाती थी। भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार किसानों की फसल डूबने से बर्बाद होने के बाद हुए नुकसान की अनदेखी कर रही है । अरुण तोमर कहते हैं कि दिल्ली के करीब 50 गांवों की कृषि भूमि पानी में पूरी तरह डूब गई है, जिससे हजारों ग्रामीणों में भारी आर्थिक संकट के बाद अनिश्चितता पैदा हो गई है, क्योंकि उनके पूरे परिवार की आजीविका पूरी तरह कृषि की उपज पर निर्भर थी। किसानों के नुकसान पर न तो दिल्ली के किसी मंत्री और न ही दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने नुकसान का आंकलन करने के लिए उनसे कोई मुलाकात की है और उनके नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा कोई तत्काल वित्तीय राहत की पेशकश की है। अरुण तोमर कहते हैं कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान किसानों से उज्जवल भविष्य के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे और उन्हें आश्वासन दिया था कि “हम किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए समर्पित हैं“ और “हमारी सरकार ने कृषि को समर्थन देने, ऋण सुविधाएं प्रदान करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई पहल शुरू की हैं“ और “हम दिल्ली में गांवों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने को प्राथमिकता देंगे, यह सुनिश्चित करेंगे कि वे फल-फूलें और समृद्ध हों“। लेकिन जब बाढ़ के पानी ने किसानों की कृषि भूमि पर खड़ी फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, तब भाजपा की रेखा सरकार ने उनकी मदद करना तो दूर अभी तक फसल के नुकसान पर सरकार ने बयान तक देने की जहमत नहीं उठाई है। अरुण तोमर कहते हैं नौटंकी छोड़ ट्रिपल इंजन सरकार को किसानो को जल्द से जल्द मुवावजा देना चाहिए |



