सिविल लाइंस जोन में भव्य स्वागत समारोह का आयोजन : खन्ना ढिकोलिया
नई दिल्ली (स्पर्श भारद्वाज ) : ऑल इंडिया वाल्मीकि यूथ फ्रंट के तत्वावधान में दिल्ली के सिविल लाइंस जोन में एक भव्य स्वागत समारोह एवं विशेष बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 20 जून को संपन्न हुए दिल्ली नगर निगम समस्त यूनियन कोर कमेटी के चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का सम्मान करना था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया वाल्मीकि यूथ फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कोर कमेटी प्रभारी खन्ना ढिकोलिया ने कहा कि 20 जून को संपन्न हुए चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सम्पन्न हुए, जो संगठन की एकजुटता, अनुशासन और पारदर्शिता का प्रतीक है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, आपसी विश्वास और समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित होती है। यदि सभी कर्मचारी और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करें, तो कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और समाज के विकास के लिए प्रभावी कार्य किए जा सकते हैं।इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठ समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में संतलाल चावरिया, रामकुमार बिडलान, सीपी सूद, नरेश पिव्हाल, पवन टांक, ओमदत्त चंडालिया, दीपक बग्गा, अनिल कुमार, पवन मेहरोलिया, टोनी, कुलदीप कुमार, त्रिलोक चंद टॉक, बिजेन्द्र बहोत, दसानंद, कैलाश कुमार, जगदीश देव, विजय सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान-पत्र देकर अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।समारोह के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष खन्ना ढिकोलिया ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यूनियनों की एकता ही कर्मचारियों के सम्मान, अधिकारों और हितों की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन भविष्य में भी इसी प्रकार एकजुट होकर कर्मचारियों और समाज के हित में कार्य करता रहेगा। यह आयोजन न केवल नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि सामाजिक संगठनों के बीच आपसी समन्वय, भाईचारे और सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।



