जलभराव को रोकने के लिए दिल्ली सरकार की सभी योजनाएं हुई विफल : अरुण तोमर
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : मानसून की पहली भारी बारिश के बाद दिल्ली में कई जगहों पर गंभीर जलभराव की समस्या सामने आई है। सड़कों के जलमग्न होने से यातायात की रफ्तार धीमी हो गई और कई निचले इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी विषय पर बात करते हुए आम आदमी पार्टी के घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर ने कहा की दिल्ली में हुई पहली बारिश ने ही जलभराव की समस्या को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के झूठे कार्यों का, दिल्ली सरकार के खोखले वादों का सच दिल्ली की जनता के सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जलभराव की समस्या को रोकने में भाजपा की सभी योजनाएं विफल साबित हुई है। श्री तोमर ने कहा कि दिल्ली में हुई बारिश से कई जगह जलभराव हो गया, सड़कें टूट गई और जगह जगह गाद व गंदगी की समस्या सामने आई, सड़कों के तालाब में बदलने से दिल्ली में वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली की जनता को जलभराव के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, दोपहिया चालकों को पानी में वाहन धक्का लगाते हुए देखा गया और पैदल चलने वालों को जलमग्न सड़कों और छिपे हुए गड्ढों के कारण चोट तक लग गई। श्री तोमर ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम जलभराव की समस्या को रोकने के लिए सिर्फ हवा हवाई वादे ही करती रही और जब बारिश आई तो पूरी दिल्ली को पानी पानी कर गई। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा से यह सवाल करता हूं कि दिल्ली की जनता को जलभराव के कारण जो समस्या हुई है, उसका जिम्मेदार कौन है? आज जब दिल्ली में और दिल्ली नगर निगम में भाजपा की सरकार है तो अब भाजपा किसके ऊपर आरोप लगाएगी? मैं भाजपा से पूछता हूं कि जलभराव के कारण जो हादसे हुए है उनका जिम्मेदार कौन है? श्री तोमर ने कहा कि कल तक जो भाजपा आम आदमी पार्टी के ऊपर यह आरोप लगाती थी कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में जलभराव की समस्या को नहीं रोक सकती आज जब वही भाजपा दिल्ली की सत्ता पर बैठी है तो उसके राज में पूरी दिल्ली पानी पानी हो गई है और जलभराव के कारण दिल्ली की जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ आरोप प्रत्यारोप लगाना जानती है कार्य करना नहीं।



