सत्य के साथ • आपके साथशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
1984 Sikh Riots: 84 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुआ विचार-विमर्श : निर्मल जैनFood Adulteration: मुख्यमंत्री का खुद मौके पर पहुंचना बताता है कि जनता की सेहत को लेकर कितनी गंभीर है सरकार : प्रवीण निमेषChhath Puja 2026: छठ पर्व पर साफ यमुना में स्नान करेंगे श्रद्धालु : दर्शन सिंहDevendra Fadnavis Challenge: राहुल गांधी को देवेंद्र फडणवीस की खुली चुनौती, बोले- आप 1 हजार लोग लाएंगे तो हम 1 लाख लेकर आएंगेJantar Mantar Protest: प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं से 4 घंटे पूछताछ, दिल्ली पुलिस ने पूछे करीब 70 सवालIndia vs Sri Lanka ODI: दिल्ली में नहीं होगा भारत-श्रीलंका का पहला वनडे, 13 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा मुकाबला, BCCI ने बदला वेन्यूExtortion Threat: दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 करोड़ की रंगदारी, अस्पताल मालिक को जान से मारने की धमकी, पुलिस ने दर्ज की FIRDelhi Building Collapse: दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, दो लोगों की मौत, कई के मलबे में दबे होने की आशंका

पीएम मोदी का आज बलरामपुर दौरा, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का करेंगे उद्घाटन

2 मिनट पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का दौरा करेंगे और सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन करेंगे, यह परियोजना 14 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए पानी प्रदान करेगी और क्षेत्र के लगभग 9 जिलों के 29 लाख किसानों को लाभान्वित करेगी. यह परियोजना कुल 9,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई है, जिसमें से पिछले चार वर्षों में 4,600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया था। इस परियोजना से क्षेत्र के जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पांच नदियों- घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ना भी शामिल है.

इस परियोजना पर काम 1978 में शुरू हुआ था, लेकिन बजट की कमी, अंतरविभागीय समन्वय और पर्याप्त निगरानी की कमी के कारण, इसमें देरी हुई और लगभग चार दशकों के बाद भी पूरा नहीं हुआ. परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लक्ष्य के साथ प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लाया गया इस प्रयास में, नई नहरों के निर्माण और परियोजना में महत्वपूर्ण अंतराल को भरने के लिए और पिछले भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मुकदमे को हल करने के लिए नई भूमि अधिग्रहण के लिए अभिनव समाधान पाए गए।नए सिरे से फोकस के परिणामस्वरूप परियोजना केवल चार वर्षों में पूरी हो गई है.

यह परियोजना 14 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए सुनिश्चित पानी उपलब्ध कराएगी और 6,200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसानों को लाभान्वित करेगी।इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महाराजगंज को फायदा होगा.

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *