सत्य के साथ • आपके साथशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Food Adulteration: मिलावटखोरों पर कार्रवाई से त्योहारों में जनता को मिलेगा शुद्ध खाद्य पदार्थों का भरोसा : विनीत जैनSolar Energy: दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल सराहनीय : राजकुमार बल्लनDelhi Laxmi Yojana: इस बार भी दीपावली पर महिलाओं के खातों में नहीं आए पैसे, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला : नीलम चौधरी1984 Sikh Riots: 84 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुआ विचार-विमर्श : निर्मल जैनFood Adulteration: मुख्यमंत्री का खुद मौके पर पहुंचना बताता है कि जनता की सेहत को लेकर कितनी गंभीर है सरकार : प्रवीण निमेषChhath Puja 2026: छठ पर्व पर साफ यमुना में स्नान करेंगे श्रद्धालु : दर्शन सिंहDevendra Fadnavis Challenge: राहुल गांधी को देवेंद्र फडणवीस की खुली चुनौती, बोले- आप 1 हजार लोग लाएंगे तो हम 1 लाख लेकर आएंगेJantar Mantar Protest: प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं से 4 घंटे पूछताछ, दिल्ली पुलिस ने पूछे करीब 70 सवाल

PM Kisan Yojana: पीएम-किसान योजना का विस्तार किसानों के साथ छलावा, सहायता राशि बढ़ाने की मांग: महेंद्र भास्कर

3 मिनट पढ़ें

PM Kisan Yojana :  पीएम-किसान योजना का विस्तार किसानों के साथ छलावा, सहायता राशि बढ़ाने की मांग: महेंद्र भास्कर

नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को वर्ष 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने के निर्णय पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। करोल बाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भास्कर ने इस फैसले को किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला कदम बताते हुए कहा कि योजना की अवधि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी वर्तमान महंगाई और बढ़ती कृषि लागत के अनुरूप बढ़ाई जानी चाहिए।

महेंद्र भास्कर ने कहा कि सरकार किसानों के सम्मान की बात तो करती है, लेकिन सम्मान के नाम पर दी जाने वाली 6,000 रुपये वार्षिक सहायता आज की परिस्थितियों में पूरी तरह अपर्याप्त है। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में किसानों को देश का अन्नदाता और भूमिपुत्र मानती है, तो उन्हें सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए, न कि केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र लगातार बढ़ती लागत, महंगे बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और मजदूरी के बढ़ते खर्च से जूझ रहा है। ऐसे में पूरे वर्ष के लिए मात्र 6,000 रुपये की सहायता किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। सरकार को जमीनी स्तर पर अध्ययन कर किसानों की वास्तविक आर्थिक जरूरतों के अनुरूप योजना का पुनर्गठन करना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने योजना की अवधि तो बढ़ा दी, लेकिन सहायता राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की। उनके अनुसार वर्ष 2019 में निर्धारित 6,000 रुपये की वार्षिक सहायता राशि वर्ष 2026 की महंगाई और कृषि लागत के मुकाबले पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को सहायता राशि को महंगाई सूचकांक से जोड़ते हुए समय-समय पर इसमें संशोधन करना चाहिए।

महेंद्र भास्कर ने कहा कि किसान केवल वोट बैंक नहीं हैं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। यदि सरकार वास्तव में किसानों का सम्मान करना चाहती है, तो उन्हें खेती की बढ़ती लागत के अनुरूप पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल योजना का विस्तार किसानों की आय बढ़ाने का विकल्प नहीं हो सकता।

उन्होंने सरकार से मांग की कि कृषि विशेषज्ञों, किसान संगठनों और अर्थशास्त्रियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित हो सके। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में तत्काल पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए, ताकि किसानों को खेती की बढ़ती लागत से वास्तविक राहत मिल सके।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *