Public Examination Bill 2026: पेपर लीक विरोधी कानून युवाओं के भविष्य की रक्षा का मजबूत कवच: डॉ. यू. के. चौधरी
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): लोकसभा से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 पारित होने का भाजपा उत्तर पूर्वी जिला अध्यक्ष डॉ. यू. के. चौधरी ने स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेपर लीक माफिया देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा था, लेकिन अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। डॉ. चौधरी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से सबसे अधिक नुकसान उन लाखों विद्यार्थियों को होता है, जो दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है तो केवल परीक्षा ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि छात्रों का मनोबल टूटता है, उनका समय, मेहनत और परिवार का आर्थिक संसाधन भी व्यर्थ चला जाता है। कई बार परीक्षाएं रद्द होने से युवाओं को वर्षों तक नई भर्ती का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसा कानून बनाया है, जिससे पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
अब दोषियों को दस वर्ष तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस नहीं करेगा। डॉ. चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार की सोच हमेशा पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्था स्थापित करने की रही है। यह कानून केवल सजा देने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास पुनः स्थापित करने का भी प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं पहले से अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगी तथा मेहनती युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने केंद्र सरकार को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह कानून आने वाले वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।



