आंदोलनकारी छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण : विपिन शर्मा
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : जंतर मंतर पर जिस तरह से छात्रों के साथ व्यवहार किया गया वह ना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण था बल्कि अमानवीय भी था, ऐसा कहना है रोहताश नगर से पूर्व विधायक विपिन शर्मा का। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरीके से अत्याचार किया गया, उससे भाजपा का असली चेहरा पूरे देश के सामने आ गया। श्री शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो भाजपा अपने भाषणों में छात्रों के हित की बात करती है, महिलाओं के सम्मान की बात करती है और वहीं दूसरी तरफ भाजपा छात्रों को लाठियों से पिटवाती है, महिलाओं के साथ बदसलूकी करती है। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र किसी राजनीतिक पार्टी के नहीं थे, उनको कोई राजनीतिक लोभ नहीं था वह सिर्फ भाजपा से यह सवाल कर रहे थे कि आखिर लगातार यह पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? इन पेपर लीक की जिम्मेदारी भाजपा कब लेगी? कब इस देश में पेपर लीक होने बंद होंगे? कब इस देश की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी? कब? और भाजपा ने उन्हें जवाब में क्या दिया, छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज कराया, उनके ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, उनके साथ हिंसा की गई। क्या यही है हमारे देश के लोकतंत्र? श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा और नरेंद्र मोदी श्रेय लेने तो सबसे पहले पहुंच जाते हैं लेकिन जब काम करना होता है, जब जवाब देना होता है, जब किसी मुद्दे की जिम्मेदारी लेनी होती है, तब वह सबसे पीछे खड़े होते हैं, क्यों? केंद्र में सत्ता में किसकी सरकार है, भाजपा की तो जिम्मेदारी भी तो भाजपा की ही बनती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ कुछ पूंजीपतियों की ही सरकार है, भाजपा को इस देश की जनता की कोई भी फिक्र नहीं है, भाजपा ने अपने पूरे कार्यकाल में जनता के साथ अन्याय किया है, हर वर्ग का, हर समुदाय का शोषण किया है, लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की है।



