देवेन्द्र यादव की जमीनी मेहनत दिखने लगी सड़कों पर सत्तर विधानसभाओं में एक साथ जुटे पन्द्रह हजार से ज्यादा लोग – अश्वनी भारद्वाज
नई दिल्ली ,मेहनत किसी भी क्षेत्र में की जाए एक ना एक दिन वो अपना रंग जरुर दिखाती है ,शिक्षा में हो,व्यापार में या राजनीति में दिल से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती | जी हाँ हम सही कह रहे है हैडलाइन में जो जिक्र किया उसकी ही चर्चा कर रहे हैं | पिछले कई दिनों से दिल्ली के हजारों सक्रिय पार्टी कार्यकर्ताओं को देवेन्द्र यादव नें सडकों पर सक्रिय किया हुआ है जिसकी शुरुवात राहुल गांधी के धरने और गिरफ्तारी से शुरू हुई थी बड़ी संख्या में पार्टी वर्करों की भागीदारी से खुद राहुल गांधी प्रभावित हुए थे ,उससे अगले दिन देवेन्द्र यादव के चंद घंटो के आह्वान के बाद बड़ी भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे | इसी कड़ी के तहत आज शुक्रवार को एक ही समय पर सभी सत्तर विधानसभाओं के तहत ढाई सौ से ज्यादा वार्डों में पेपर लीक होने पर जान गंवाने वाले छात्रों की याद में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली भर में कैंडल मार्च निकाल कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी | हजारों शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया गया औसतन एक ब्लाक में सत्तर से लेकर सौ कार्यकर्ता इक्कठे हुए और सैकड़ों गलियों और सडकों से गुजरते हुए कैंडल मार्च निकाले कैंडल मार्चों को जनता का भी अभूतपूर्व समर्थन मिलते दिखा अनेक राहगीर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखे ,हालांकि कैंडल मार्च शांतिपूर्वक रहे बावजूद इसके रह-रहकर कार्यकर्ता आक्रोशित हो नारे लगा रहे थे | कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है जमीनी स्तर पर कांग्रेस सडकों पर दिखने लगी है | जिसकी वजह देवेन्द्र यादव की कुशल रणनीति तथा कार्यशैली मानी जा रही है | जहां उन्होंने लोकसभा स्तर पर अनुभवी लोगो को प्रभारी की जिम्मेदारी दी हुई है वहीं उनके सहयोग के लिए जिला स्तर पर भी पर्यवेक्षक नियुक्त किये हुए हैं जो लगातार ब्लाक अध्यक्षों तथा जिला अध्यक्षों की नब्ज टटोलते रहते हैं और ढीले पेचों को कसने का काम करते रहते हैं वहीं श्री यादव नें निचली लेकिन महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर विधानसभा पर्यवेक्षकों को तैनात किया हुआ है जो जमीनी स्तर पर ब्लाक अध्यक्षों के साथ-साथ तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने का काम करते हैं इतना ही नहीं वे क्षेत्र के तमाम छोटे बड़े नेताओं की रिपोर्ट भी प्रदेश अध्यक्ष को सौंपते है जिसका नतीजा यह है कि आज बेहद शोर्ट नोटिस पर दिल्ली में हजारों पार्टी कार्यकर्ता जमा हो जाते हैं और सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखते हैं | यदि यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में कांग्रेस एक बार फिर से मजबूती से उभरती दिखेगी इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | आज बस इतना ही …



