Delhi Business Bill : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल के माध्यम से कारोबार करने की प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी बनेगी : विनीत जैन
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली सरकार ने राजधानी में कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान, तेज, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाने की ओर बड़ा कदम लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026 को मंजूरी दी गई है। इसी विषय पर बात करते हुए भाजपा शाहदरा जिला प्रवक्ता विनीत जैन ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य दिल्ली में उद्यमों के लिए मंजूरियां, पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने की मौजूदा प्रक्रिया में मूलभूत बदलाव लाना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है जिसमें कारोबारियों और उद्यमियों को अलग अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, एक ही जानकारी बार बार जमा न करनी पड़े और आवश्यक अनुमतियों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। श्री जैन ने बताया कि इसके माध्यम से कारोबार से जुड़ी अलग अलग प्रक्रियाओं को एक ऐसी व्यवस्था में लाया जाएगा जो सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रौद्योगिकी आधारित होगी। उन्होंने बताया कि बिल का उद्देश्य सरकार और उद्यमों के संबंधों को नियंत्रण और संदेह की व्यवस्था से निकालकर विश्वास और सुविधा पर आधारित बनाना है।
श्री जैन ने बताया कि प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद सरकार और उद्यमों के बीच संबंधों में विश्वास और सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था सिंगल विंडो सिस्टम होगा जिसके अंतर्गत एक ऑनलाइन, सरल और उपयोग में आसान व्यवस्था बनाई जाएगी, जहां कारोबारी अपने कारोबार से संबंधित अनुमतियों, पंजीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र, सहमति, लाइसेंस आदि के लिए आवेदन कर सकेंगे। श्री जैन ने बताया कि इसमें भवन योजनाओं, पानी, सीवर और बिजली के कनेक्शन जैसी सेवाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि इस सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मिलने वाली सभी कारोबारी मंजूरियों के लिए दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) को एकल नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। श्री जैन ने बताया कि इन सभी सुधारों के माध्यम से दिल्ली में कारोबार से जुड़ी अनेक अलग अलग, एक दूसरे से जुड़ी हुई, विवेकाधीन और समय लेने वाली प्रक्रियाओं को एक एकीकृत, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि इन उपायों से दिल्ली में कारोबार करने में लगने वाला समय, लागत और अनिश्चितता काफी कम होने की उम्मीद है |



