दिल्ली में ऑनलाइन डिलीवरी कर्मियों के लिए अनिवार्य यूनिफॉर्म और यूनिक आई डी लागू हो: मनोज कुमार जैन
नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : दिल्ली में बढ़ती ऑनलाइन फूड, ग्रोसरी, क्विक-कॉमर्स एवं ई-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं को देखते हुए निगम पार्षद, मनोनीत एवं अध्यक्ष, सहयोग दिल्ली मनोज कुमार जैन ने दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सुझाव पत्र भेजकर सभी ऑनलाइन डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य यूनिफॉर्म एवं स्पष्ट पहचान व्यवस्था लागू करने की मांग की है। श्री जैन ने कहा कि आज बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स दिल्ली के लगभग प्रत्येक आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। ऐसे में सुरक्षा, पहचान और जवाबदेही की दृष्टि से सभी डिलीवरी कर्मियों की स्पष्ट एवं समान पहचान अत्यंत आवश्यक है। मनोज जैन नें सुझाव दिए प्रत्येक डिलीवरी पार्टनर के लिए अनिवार्य कंपनी यूनिफॉर्म/ड्रेस हो। यूनिफॉर्म के आगे और पीछे कंपनी का स्पष्ट लोगो प्रदर्शित हो। प्रत्येक डिलीवरी पार्टनर को यूनिक ID/टोकन नंबर दिया जाए। ड्रेस पर डिलीवरी पार्टनर का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। ID को डिजिटल माध्यम से सत्यापित करने की सुविधा विकसित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस/प्रशासन द्वारा संबंधित व्यक्ति एवं कंपनी के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके। मनोज जैन नें कहा ये नियम केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित न रहकर अन्य होम डिलीवरी कंपनियों पर समान रूप से लागू हों। श्री जैन ने कहा कि इस व्यवस्था से अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक, डिलीवरी कर्मियों की पहचान सुनिश्चित करने तथा किसी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, “दिल्ली देश की राजधानी है। यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और नागरिकों की बड़ी संख्या है। डिलीवरी कर्मियों की एक समान, व्यवस्थित और प्रोफेशनल पहचान व्यवस्था राजधानी की सुरक्षा के साथ-साथ दिल्ली की आधुनिक एवं सुव्यवस्थित छवि को भी मजबूत करेगी। मनोज कुमार जैन ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस एवं संबंधित विभागों से अनुरोध किया कि इस विषय पर सभी प्रमुख ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के साथ बैठक कर व्यावहारिक एवं प्रभावी नियम तैयार किए जाएं और उनके अनुपालन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “यह एक छोटा-सा प्रशासनिक सुधार है, लेकिन इससे सुरक्षा, जवाबदेही और दिल्ली की सकारात्मक छवि—तीनों को मजबूती मिल सकती है।



