Dr Basant Goyal speech: जीवन की वास्तविक कमाई धन-संपत्ति नहीं, बल्कि लोगों,का विश्वास, प्रेम और सम्मान है : डॉ.बसंत गोयल
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार ) :अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल द ललित में आयोजित हॉनररी डॉक्टरेट बिज़नेस आइकॉन अवार्ड्स 2026 समारोह ने समाजसेवा, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण के संदेश को नई ऊर्जा प्रदान की। इस भव्य आयोजन में प्रसिद्ध समाजसेवी, गोयल मेडिकॉस के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बसंत गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और अपने प्रेरणादायक विचारों से उपस्थित जनसमूह को मानवता, राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में देशभर से उद्योग, शिक्षा, सामाजिक सेवा और उद्यमिता से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भाग लिया। समारोह के दौरान समाज और व्यवसाय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तित्वों को अवार्ड से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में डॉ. बसंत गोयल, जिन्हें पूरे देश में “ब्लड मैन ऑफ इंडिया” के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा कि जीवन की वास्तविक कमाई धन-संपत्ति नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास, प्रेम और सम्मान है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे असंख्य लोग हैं जो प्रतिदिन तड़के उठकर दिनभर कठिन परिश्रम करते हैं और बिना किसी अपेक्षा के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे लोगों का समर्पण हमें यह सिखाता है कि सच्ची सफलता सेवा, त्याग और मानवीय मूल्यों में निहित होती है। व्यक्ति चाहे जीवन में कितनी भी ऊँचाइयों तक क्यों न पहुंच जाए, उसे अपने देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की असली शक्ति उसकी विविधता और एकता में निहित है, और यदि प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करे, तो देश प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. गोयल ने समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं किसी भी समाज की आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और संसाधन प्राप्त होते हैं, तब वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास में ऐतिहासिक योगदान देती हैं। उन्होंने नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण ही एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की मजबूत नींव है।जीवन में आस्था, कृतज्ञता और सकारात्मक सोच पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज के लिए सकारात्मक और रचनात्मक कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. गोयल ने विकसित भारत के संकल्प की चर्चा करते हुए कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाए, तो भारत शीघ्र ही विश्व के अग्रणी और शक्तिशाली देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। उनके प्रेरणादायक विचारों ने समारोह में उपस्थित लोगों को समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करते हुए एक प्रेरणादायक और सार्थक मंच प्रदान किया।



