नालों की सफाई को ले बेहद गंभीर है दिल्ली की भाजपा सरकार : गुरमीत सिंह सूरा
* आप पार्टी की सरकार नें बिगड़ दिए थे हालात
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली मानसून से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रही है | दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार इस ओर बड़ी गम्भीरता से जुटी हुई है | खुद उपराज्यपाल वी .के.सक्सेना तथा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार अधिकारीयों के साथ बैठकें कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर निरिक्षण भी कर रहे हैं | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता पश्चमी जिले के पूर्व सह -प्रभारी गुरमीत सिंह सूरा का | गुरमीत सिंह कहते है आप पार्टी की सरकार के समय नालों की सफाई के नाम पर केवल कागजी काम होता था तथा इस मद के लिए जारी फंड भी भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ जाता था लेकिन इस बार खुद मुख्यमंत्री तथा बाढ़ नियन्त्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा सक्रिय हैं तथा पल-पल की जानकारी अधिकारीयों से ले रहे हैं |
गुरमीत सूरा कहते हैं राजधानी में एजेंसियों ने हाल ही में 445 जलभराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान की है। ये हॉटस्पॉट हर साल मानसून में शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। इनमें दक्षिणी, पूर्वी व उत्तर-पश्चिमी दिल्ली जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन हॉटस्पाॅट को खत्म करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकार ने सभी कार्यकारी, सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को नालों की सफाई और संबंधित कार्यों की प्राथमिक जांच करने का निर्देश दिया है। इसके अनुसार सभी को नालों की सफाई और जल निकासी से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति की जांच करनी होगी। यह कदम दिल्ली में हॉटस्पॉट की समस्या को कम करने की दिशा में उठाया गया है। शहर में 445 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप से सामने आती है। इनमें मजनू का टीला, प्रगति मैदान, सराय काले खां, ओखला, ग्रेटर कैलाश और शाहदरा जैसे इलाके शामिल हैं।
गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं पिछले साल 300 स्थानों पर पानी भरा था। दिल्ली पुलिस की ओर से समय-समय पर जलभराव वाले स्थानों के बारे में जानकारी दी जाती है, जहां भारी बारिश के बाद पानी जमा रहता था, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं इस बार जलभराव रोकने पर सरकार सख्त है | पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मानसून से पहले नालों की गाद निकासी का काम समय पर पूरा किया जाए। इसके लिए दिल्ली भर में गाद निकासी का काम शुरू हो चुका है और पहला चरण मई तक पूरा होने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी ने अंडरपास और सबवे में जलभराव रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत पंप हाउस में अलार्म और टाइमर लगाए जा रहे हैं।
गुरमीत सिंह कहते है सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन है ,दिल्ली सरकार की तैयारियों को देखते हुए कहा जा सकता है इस बार दिल्ली जलभराव की ज्यादा समस्या नहीं झेलेगी |



