Delhi; अतिक्रमण मुक्त सुरक्षित सड़कें जनता का अधिकार है : मुकेश बंसल
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : देश की सर्वोच्च अदालत ने सड़क पर पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया कि देश की हर सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए एक सुस्पष्ट, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त जगह का प्रावधान हो। कोर्ट ने केंद्र से दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क कहीं भी हो, फुटपाथ बनाया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पैदल चलने के लिए तय जगह को वाहनों की लेन से अलग रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कर्दमपुरी वार्ड के निगम पार्षद मुकेश बंसल ने कहा कि निश्चित ही सड़के अतिक्रमण मुक्त होनी चाहिए और पैदल यात्रियों के चलने के लिए सुरक्षित जगह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यमुनापार की अधिकतर सड़कें अतिक्रमण की चपेट में आई हुई है, मैं अपने आस पास के क्षेत्र की सड़कों की बात करूं तो लोनी रोड हो, मंडोली रोड हो या कोई भी अन्य रोड हो, हर जगह अतिक्रमण ने अपने पैर पसारे हुए है। श्री बंसल ने कहा कि यमुनापार की किसी भी सड़क को देख लो जितनी बड़ी वह सड़क है अतिक्रमण के कारण वह उससे आधी हो गई है, सड़क के दोनों तरफ रेहड़ी पटरी वाले लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, रिक्शा वाले खड़े रहते हैं, दुकानदार अपनी दुकान का सामान रख लेते है, जिस वजह से सड़कों पर लंबा लंबा जाम लगता है, सबसे ज्यादा समस्या पैदल चलने वाले यात्रियों को आती है, उनको पैदल चलने तक का रास्ता नहीं मिलता, रेहड़ी पटरी वालों या रिक्शा वालों को हटने के लिए कहो तो वह लोगों से लड़ाई झगड़ा करते हैं, दुकानदार को कितना ही समझा लो वह अपनी दुकान का सामान बाहर रखते ही है। उन्होंने कहा कि पैदल चलने वाले यात्रियों के मन की और उनके हक की आवाज बना है सुप्रीम कोर्ट का आदेश। श्री बंसल ने कहा कि यह पैदल यात्रियों का हक है कि उन्हें चलने के लिए अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित रास्ता मिले और कहीं ना कहीं प्रशासन अतिक्रमण को नहीं हटा पा रहा जिस वजह से वह पैदल चलने वाले यात्रियों के इस हक का हनन कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही राहत मिलने की उम्मीद है।



