Murshidabad violence: मुख्य आरोपी के दो बेटे ओडिशा से हिरासत में, एसटीएफ ने की बड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ अधिनियम में संशोधन को लेकर भड़की सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में राज्य की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से एक मुख्य आरोपी के दो बेटों सहित कुल 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यह हिंसा 12 अप्रैल को उस समय भड़की थी जब विवादित वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
हिंसा के बाद से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में जुटी पश्चिम बंगाल पुलिस को इनपुट मिला था कि मुख्य आरोपी जियाउल शेख के दो बेटे झारसुगुड़ा जिले के बंधबहाल इलाके में छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल एसटीएफ की एक पांच सदस्यीय टीम ने ओडिशा पुलिस के सहयोग से बनहरपाली इलाके में छापेमारी की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
इन दोनों के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ ने कार्रवाई को और तेज करते हुए झारसुगुड़ा जिले के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर 13 अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में ले लिया। इन सभी पर मुर्शिदाबाद हिंसा में शामिल होने का संदेह है। रिपोर्टों के अनुसार, ये सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और लंबे समय से ओडिशा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे थे।
ईद के अवसर पर ये लोग अपने गांव लौटे थे और वहीं हिंसा में कथित रूप से शामिल पाए गए। हिंसा के बाद ये सभी चुपचाप झारसुगुड़ा लौट आए और फिर वहीं छिप गए। पुलिस ने इनकी मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इनकी गतिविधियों पर नज़र रखी और आखिरकार इन्हें पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, अब इन सभी संदिग्धों को झारसुगुड़ा में पूछताछ के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल लाया जा सकता है, जहां उनसे हिंसा की साजिश, उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर पहले ही राज्य में राजनीतिक और सामाजिक तनाव गहराया हुआ है। विवादित वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ मुसलमानों के एक वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रदर्शन हिंसक हो गया और सांप्रदायिक तनाव में बदल गया। हिंसा के दौरान कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया, वहीं दो लोगों की जान भी चली गई।
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष कार्य बल का गठन किया था, जो लगातार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हुई है। झारसुगुड़ा से पकड़े गए संदिग्धों की गिरफ्तारी को इस जांच में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
फिलहाल मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। पश्चिम बंगाल पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।



