Delhi Rain Waterlogging: दिल्ली में बारिश के बाद जलभराव का जायज़ा लेने ITO पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कहा– हमारी टीमें सतर्क, हालात काबू में
दिल्ली में मंगलवार को हुई तेज़ बारिश ने एक बार फिर राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जब शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। बारिश के बाद ITO, जखीरा अंडरपास और कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे न सिर्फ ट्रैफिक बाधित हुआ बल्कि आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायज़ा लेने ITO चौराहे का दौरा किया और मौके पर जलभराव की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से सभी संवेदनशील जलभराव वाले स्थानों की सूची पहले से ही तैयार है और नगर निगम अधिकारियों से इन सभी स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने दावा किया कि ITO क्षेत्र में पानी मात्र 30 से 45 मिनट में पूरी तरह निकाल दिया गया और स्थानीय लोगों ने भी इसकी पुष्टि की।
रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारी सभी टीमें सड़कों पर तैनात हैं और लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। कुछ स्थानों पर पानी ज़रूर जमा हुआ, लेकिन उसे समय रहते साफ कर दिया गया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास राजधानी के हर जलभराव स्थल की जानकारी मौजूद है और इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, विपक्षी आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शहर में बारिश के तुरंत बाद ITO और जखीरा अंडरपास जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में जलभराव के कारण नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण न केवल दफ्तर जा रहे लोगों को दिक्कत हुई, बल्कि एम्बुलेंस तक रास्ता नहीं बना सकीं।
बारिश के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनमें दिल्ली की सड़कों पर भरे पानी में फंसी गाड़ियां और पैदल चलने को मजबूर लोग दिखाई दिए। कई इलाकों में पानी घुटनों तक भर गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खासा दिक्कत हुई।
इस स्थिति को लेकर रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि नगर निगम और अन्य प्रशासनिक टीमें हर जगह सक्रिय हैं और जलभराव जैसी समस्या से निपटने के लिए पहले से एक रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार किया गया है। “भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराई जाए, इसके लिए नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशन की क्षमता और ट्रैफिक नियंत्रण की रणनीति को और बेहतर बनाया जा रहा है,।



