Delhi Power Crisis: बिजली संकट की ओर बढ़ रही दिल्ली भीषण गर्मी
में चरमराने लगी व्यवस्था : अरुण तोमर
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है और कई क्षेत्रों में लोकल फॉल्ट, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर ने सरकार और बिजली विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राजधानी की जनता इस समय बिजली संकट का सामना कर रही है, जबकि सरकार केवल दावे करने में व्यस्त है। अरुण तोमर ने कहा कि दिल्ली में तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है और ऐसे समय में लोगों को निर्बाध बिजली मिलना सबसे बड़ी आवश्यकता है, लेकिन कई इलाकों में घंटों बिजली बाधित रहने से आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा हर वर्ष गर्मियों से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि घोंडा विधानसभा सहित उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक लोड बढ़ गया है, जिससे बार-बार फॉल्ट की स्थिति बन रही है। रात के समय बिजली कटौती के कारण बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से घरेलू उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। अरुण तोमर ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से भारी बिल वसूले जा रहे हैं, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ा तो दिल्ली में बड़े स्तर पर बिजली संकट की स्थिति बन सकती है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए, जर्जर लाइनों को बदले और स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय करे। साथ ही बिजली विभाग को संभावित संकट से निपटने के लिए आपात योजना लागू करनी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। अरुण तोमर



