Delhi Building Safety: समय रहते खतरनाक भवनों की पहचान और नियमित निरीक्षण जरूरी, सरकार की पहल स्वागत योग्य : मुकेश बंसल
नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार ) : राजधानी दिल्ली में भवन हादसों की रोकथाम और सार्वजनिक भवनों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा नई भवन सुरक्षा व्यवस्था तैयार किए जाने की पहल को कर्दमपुरी वार्ड के निगम पार्षद मुकेश बंसल ने स्वागत योग्य कदम बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के भवन हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में भवनों की सुरक्षा को लेकर नियमित निगरानी और समय रहते कार्रवाई की व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। सरकार द्वारा इस दिशा में नई नीति तैयार करना भविष्य में हादसों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मुकेश बंसल ने कहा कि भवन सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए नगर निगम, डीडीए, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई नीति में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसके तहत पुराने, जर्जर अथवा नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए भवनों की समय-समय पर जांच हो और किसी भवन में गंभीर सुरक्षा खामी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि हादसा होने ही न दिया जाए। इसके लिए भवनों की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी है। मुकेश बंसल ने कहा कि हालिया सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार और निगम द्वारा असुरक्षित तथा अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करना इस बात का संकेत है कि अब भवन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने पीजी और अन्य भवनों की जांच तथा अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुकेश बंसल ने कहा कि नई नीति को प्रभावी बनाने के लिए केवल निरीक्षण ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि खतरनाक भवनों की पहचान के लिए क्षेत्रवार सर्वे कराया जाए और गंभीर खतरे वाले भवनों की अलग सूची तैयार की जाए। साथ ही भवन मालिकों को आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए स्पष्ट समय सीमा दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि नागरिकों को भी भवन सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए। यदि किसी भवन में बड़ी दरार, कमजोर ढांचा, अवैध अतिरिक्त निर्माण या अग्नि सुरक्षा की कमी दिखाई देती है तो नागरिकों की शिकायत के लिए सरल और प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जांच और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सके तो पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।



