Delhi Crime : 48 घंटे का मेगा ऑपरेशन गैंग बस्ट, दिल्ली पुलिस ने 280 गैंगस्टर्स समेत 854 अपराधियों को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ को अंजाम दिया है। यह मेगा अभियान लगातार 48 घंटे तक चला, जिसमें दिल्ली सहित कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर अपराध की कमर तोड़ दी गई। इस ऑपरेशन के तहत 280 कुख्यात गैंगस्टर्स समेत कुल 854 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
इस हाई-प्रोफाइल अभियान में दिल्ली पुलिस के करीब 9000 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। पुलिस टीमों ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में एक साथ कार्रवाई करते हुए 4299 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 6500 से अधिक संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद कई सक्रिय गिरोहों, उनके सरगनाओं और आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ।
ऑपरेशन गैंग बस्ट के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध सामान भी बरामद किया। इसमें करीब 300 अत्याधुनिक हथियार, 130 जिंदा कारतूस, लगभग 25 लाख रुपये नकद और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि गिरोह किस स्तर पर संगठित तरीके से अपराध को अंजाम दे रहे थे।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। राजधानी और आसपास के इलाकों में सक्रिय गैंग्स की वजह से व्यापारी वर्ग और स्थानीय नागरिक लंबे समय से दहशत में थे। रंगदारी, धमकी और हिंसक वारदातों के कारण लोग असुरक्षित महसूस कर रहे थे। दिल्ली की कई राज्यों से लगती सीमाएं अपराधियों के लिए हमेशा आसान रास्ता रही हैं, जहां वारदात को अंजाम देकर वे दूसरे राज्य में फरार हो जाते थे। लेकिन इस संयुक्त और समन्वित ऑपरेशन ने अपराधियों के लिए यह रास्ता भी बंद कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन गैंग बस्ट सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए अपराध के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल सबूतों के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस की सख्ती से साफ संकेत मिल रहा है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर्स के लिए राजधानी अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रही।



