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वजीराबाद परियोजना से दिल्ली की जल व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती : प्रवीण निमेष

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प्रवीण निमेष

वजीराबाद परियोजना से दिल्ली की जल व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती : प्रवीण निमेष

नई दिल्ली (रविंद्र कुमार)। दिल्ली की तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ती पानी की मांग के बीच वजीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी राजधानी की जल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। करीब 2,574 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अमल में आने के बाद उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के लगभग 22 से 25 लाख लोगों को बेहतर और अधिक व्यवस्थित जल आपूर्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत मौजूदा जल नेटवर्क को मजबूत करने के साथ पुरानी पाइप लाइन को बदलने और नई पाइप लाइन तथा ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस परियोजना को लेकर भाजपा गोकुलपुर के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रवीण निमेष ने कहा कि वजीराबाद जल परियोजना दिल्ली के लिए केवल एक नई योजना नहीं, बल्कि राजधानी की भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की उपलब्धता के साथ-साथ सबसे बड़ी चुनौती पानी को सही तरीके से लोगों के घरों तक पहुंचाने की है। इसके लिए मजबूत पाइपलाइन, बेहतर वितरण व्यवस्था और लीकेज पर प्रभावी नियंत्रण बेहद जरूरी है। प्रवीण निमेष ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत दिल्ली के करीब 10 विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने से बड़ी आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने, कम क्षमता वाली लाइनों की जगह अधिक क्षमता वाली पाइपलाइन बिछाने तथा आवश्यकता के अनुसार नई ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन विकसित करने से पानी की आपूर्ति में सुधार आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की दीर्घकालिक योजना को सफल बनाने के लिए जल उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के घर तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इसी दिशा में दिल्ली को अलग-अलग जल आपूर्ति जोन में विभाजित कर नेटवर्क को व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है। चंद्रावल और वजीराबाद वाटर कमांड एरिया के साथ ईस्ट, नॉर्थ ईस्ट, साउथ, नॉर्थ वेस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट जोन को भी इस व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। भाजपा नेता ने कहा कि केवल नए प्लांट या पाइपलाइन बनाना ही पर्याप्त नहीं है। मौजूदा जल ढांचे का रखरखाव और उसका आधुनिकीकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, अंडरग्राउंड रिजर्वायर, पंपिंग सिस्टम और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड किए जाने से जलापूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा घरों तक पानी पहुंचाने वाले हाउस सर्विस कनेक्शनों को व्यवस्थित और नियमित करने की दिशा में भी काम किया जाना जरूरी है। प्रवीण निमेष ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में आज भी पानी की आपूर्ति को लेकर लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कहीं कम दबाव की शिकायत रहती है तो कहीं पाइपलाइन पुरानी होने के कारण लीकेज और पानी की बर्बादी होती है। कुछ क्षेत्रों में अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों को टैंकर या अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में जल नेटवर्क का व्यापक सुधार आम जनता के लिए सीधे राहत का विषय है। उन्होंने परियोजना के एक महत्वपूर्ण पहलू नॉन-रेवेन्यू वाटर (एनआरडब्ल्यू) को कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लीकेज, तकनीकी खामियों, भौतिक जल हानि और अनधिकृत उपयोग के कारण बड़ी मात्रा में पानी लोगों तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो जाता है। यदि इस नुकसान को नियंत्रित किया जाए तो उपलब्ध पानी का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकता है और मौजूदा संसाधनों से अधिक लोगों को जलापूर्ति उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रवीण निमेष ने कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान केवल पानी का उत्पादन बढ़ाने से संभव नहीं होगा, बल्कि पानी के संरक्षण, वितरण व्यवस्था में सुधार, लीकेज रोकने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि वजीराबाद परियोजना को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए और निर्माण के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी में भविष्य की आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जल ढांचे को अभी से मजबूत करना आवश्यक है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर मुख्य पाइपलाइन, रिजर्वायर, पंपिंग स्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और घरेलू कनेक्शन तक पूरी व्यवस्था को एकीकृत तरीके से विकसित करने से दिल्ली में जलापूर्ति को अधिक कुशल और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।

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