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Army Chief: पश्चिम मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में हालात नियंत्रण में, 2025 में 31 आतंकियों का सफाया, 65% पाकिस्तानी मूल के: सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी

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Army Chief: पश्चिम मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में हालात नियंत्रण में, 2025 में 31 आतंकियों का सफाया, 65% पाकिस्तानी मूल के: सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता और प्रभावी रणनीति के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि 10 मई के बाद से इन क्षेत्रों में चुनौतियां बनी रहीं, लेकिन किसी भी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नहीं पड़ी।

जनरल द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान अब तक कुल 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें से लगभग 65 प्रतिशत आतंकवादी पाकिस्तानी मूल के थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को भी ढेर किया गया, जो सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता है। सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सिंगल डिजिट में आ गई है, जो क्षेत्र में सुरक्षा हालात में बड़े सुधार का संकेत है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि विकास गतिविधियों में तेजी आई है, पर्यटन दोबारा रफ्तार पकड़ रहा है और श्री अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रही है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी रही, जो इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में आम नागरिकों का भरोसा लौट रहा है। सेना प्रमुख के मुताबिक “टेररिज्म टू टूरिज्म” की अवधारणा अब जमीन पर आकार लेती दिखाई दे रही है।

पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि हाल के दिनों में जो ड्रोन देखे गए हैं, वे बेहद छोटे आकार के थे और कम ऊंचाई पर उड़ते पाए गए। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को करीब छह ड्रोन नजर आए थे, जबकि 11 और 12 जनवरी को दो से तीन ड्रोन देखे गए। जनरल द्विवेदी के अनुसार, ये संभवतः डिफेंसिव ड्रोन थे, जिनका मकसद भारतीय सेना की सतर्कता और तैयारियों की जांच करना हो सकता है।

उन्होंने कहा कि संभव है पाकिस्तान यह परखना चाहता हो कि कहीं भारतीय सेना में कोई कमजोरी या ढिलाई तो नहीं है, जहां से आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके। लेकिन सेना प्रमुख ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इसका नकारात्मक जवाब मिला होगा, क्योंकि आज की तारीख में ऐसी कोई जगह या कमी नहीं है जिसका फायदा उठाया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि इस मुद्दे पर डीजीएमओ स्तर पर बातचीत हुई है और पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि इस तरह की गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं और इन्हें तुरंत रोका जाए।

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