Chamoli Cloudburst: चमोली की नीति घाटी में बादल फटने से तबाही, खिलौने की तरह बहा वैली ब्रिज, BRO कर्मचारी लापता
उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी में सोमवार को भारी बारिश के बाद बादल फटने जैसी घटना से हालात बिगड़ गए। तमक क्षेत्र में अचानक आए तेज पानी और मलबे के बहाव ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव की चपेट में आने से वहां बनाया गया वैली ब्रिज देखते ही देखते बह गया। पुल के बह जाने के बाद जोशीमठ-नीति मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है और सीमांत क्षेत्र का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तमक के ऊपरी इलाके में बादल फटने के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। नाले में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी तेजी से नीचे आया। पानी और मलबे के इस तेज बहाव ने वैली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही समय में पुल पूरी तरह बह गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान इस स्थान पर बना पक्का पुल भी बह गया था। इसके बाद सीमांत क्षेत्र में आवाजाही बनाए रखने के लिए वैली ब्रिज तैयार किया गया था। लेकिन इस बार भारी बारिश और उफनते नाले के तेज बहाव ने वैली ब्रिज को भी तबाह कर दिया।
हादसे के दौरान बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन यानी BRO का एक कर्मचारी भी तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। उसकी पहचान हवलदार पंकज के रूप में बताई जा रही है। वह BRO के मेजर वीके सोनी के चालक बताए जा रहे हैं। लापता कर्मचारी की तलाश में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।
मेजर वीके सोनी ने फोन पर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम साइट से वापस लौट रही थी। इसी दौरान तमक नाले के ऊपर से अचानक बड़ी मात्रा में पानी आता दिखाई दिया। स्थिति को देखते हुए टीम के सदस्यों ने अपने वाहन छोड़ दिए और सुरक्षित स्थान की ओर भागे। मेजर और अन्य लोग पहाड़ी की तरफ चले गए, जबकि चालक पंकज सड़क की ओर भागे और इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां सक्रिय हो गईं। लापता BRO कर्मचारी की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें मौके की ओर रवाना की गई हैं। प्रशासन की टीमें हालात का जायजा ले रही हैं और संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
भारी बारिश के कारण नीति घाटी में सड़क संपर्क प्रभावित होने से स्थानीय लोगों और सीमांत क्षेत्र में आवाजाही को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने भी उत्तराखंड में सोमवार को कई स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चमोली समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।



