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JPSC-JSSC Row: देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए; विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज

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JPSC-JSSC Row: देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए; विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहीं, विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों को हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से गेट के आसपास से हटने की अपील की गई। बताया गया कि बार-बार आग्रह के बावजूद जब प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए सख्ती शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को वहां से खदेड़ते हुए जगन्नाथ मंदिर की ओर भेजने का प्रयास किया।

इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया और लाठीचार्ज की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई और भगदड़ के दौरान कई छात्रों को चोटें आई हैं। कुछ छात्र जमीन पर गिर गए, जबकि कई अन्य छात्रों के घायल होने की भी बात कही जा रही है। छात्राओं के घायल होने का दावा भी प्रदर्शनकारियों की ओर से किया गया है।

विधानसभा घेराव के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंचने लगे। महतो ने बताया कि वह पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह कर रहे हैं और नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को लेकर सख्ती बरतने का आरोप लगाया और कहा कि वह छात्रों की मांगों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

महतो ने कहा कि लाठी, गोली और बंदूकों से सरकार नहीं चलती, बल्कि सरकार जनता को संतुष्ट रखकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित किया गया और जबरदस्ती एंबुलेंस में बैठाया गया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और उनके अस्पताल भेजे जाने को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने कहा कि अब सरकार के साथ किसी अन्य स्तर पर बातचीत नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर बातचीत होगी तो सीधे मुख्यमंत्री के साथ होगी। छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और इसे और व्यापक करने का ऐलान किया है।

इससे पहले भी सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। जब छात्रों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज भी किया गया था।

JPSC-JSSC की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर है और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है।

 

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