Delhi H1N1 Cases: 2,729 तक पहुंचा स्वाइन फ्लू, सरकार की तैयारियों पर उठे सवाल : भीष्म शर्मा
नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार ) : राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के हालिया आंकड़ों के मुताबिक 27 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 2,729 मामले सामने आ चुके हैं और अकेले 27 अगस्त को 125 नए मामले दर्ज किए गए। इससे पहले 24 घंटे में 166 नए मामले सामने आने के बाद कुल संख्या 2,612 तक पहुंच गई थी। तेजी से बढ़ते आंकड़ों के बीच अस्पतालों की तैयारियों और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए दिल्ली के पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है। गौरतलब है कि हर दिन बढ़ रहे मरीज, व्यवस्था की समीक्षा के बावजूद जमीनी हालात चिंताजनक बने हुए है इस स्तिथि के मद्देनजर पूर्व विधायक ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को घेरते हुए कहा कि राजधानी में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन जिस गति से संक्रमण बढ़ रहा है, उसके मुकाबले स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियां पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि केवल बैठकें करने, अस्पतालों को अलर्ट जारी करने और अधिकारियों को निर्देश देने से जनता को राहत नहीं मिलेगी। सरकार और प्रशासन को यह बताना चाहिए कि बढ़ते मरीजों के दबाव से निपटने के लिए अस्पतालों में वास्तव में कितने अतिरिक्त बेड, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने कहा कि अस्पतालों में फ्लू और वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ने से सामान्य मरीजों पर भी दबाव पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को अस्पतालों में अलग फ्लू वार्ड अथवा फ्लू कॉर्नर, जांच की पर्याप्त व्यवस्था और गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन सहित जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तो अस्पतालों में मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करने और समय पर जांच व उपचार उपलब्ध कराने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि अगस्त में जिस तेजी से H1N1 के मामले बढ़े हैं, उससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। 12 अगस्त तक दिल्ली में 1,449 H1N1 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि बाद के दिनों में संख्या तेजी से बढ़कर 2,729 तक पहुंच गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में H1N1 के मामले इसके मुकाबले काफी कम थे। भीष्म शर्मा ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि मरीजों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराना अस्पतालों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को जांच के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े और गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार मिले। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों की वास्तविक स्थिति की नियमित रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए H1N1 अधिक गंभीर साबित हो सकता है, इसलिए प्रशासन को केवल आंकड़े जारी करने के बजाय संवेदनशील इलाकों और जोखिम वाले वर्गों पर विशेष निगरानी बढ़ानी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में इस समय H1N1 प्रमुख इन्फ्लुएंजा संक्रमण के रूप में सामने आ रहा है, हालांकि ICMR ने इसे किसी नए खतरनाक स्ट्रेन का संकेत नहीं माना है और लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। भीष्म शर्मा ने कहा कि सरकार को यह साबित करना होगा कि राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल कागजों और बैठकों तक सीमित नहीं है। यदि मरीजों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में अस्पतालों पर और अधिक दबाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अस्पतालों की क्षमता, दवाओं के स्टॉक, बेड, ऑक्सीजन, जांच सुविधाओं और चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता का सार्वजनिक ऑडिट कराने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संकट के समय लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।



