Home देश दुनिया AI Summit Controversy: IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने...

AI Summit Controversy: IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने बताया मास्टरमाइंड

0
31

AI Summit Controversy: IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने बताया मास्टरमाइंड

दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए हंगामे के मामले में Indian Youth Congress के राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Bhanu Chib को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 23 फरवरी को उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां करीब 20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।

चिब को Patiala House Court में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 7 दिन की रिमांड की मांग की। पुलिस का दावा है कि समिट के दौरान हुए प्रदर्शन के पीछे वही मुख्य साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी उनके निर्देश पर भारत मंडपम परिसर में दाखिल हुए थे और कथित रूप से लॉजिस्टिक सहायता भी चिब ने ही उपलब्ध कराई थी। फिलहाल अदालत ने रिमांड पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और दोपहर 12:30 बजे तक फैसला सुनाए जाने की संभावना जताई गई है। मामले की आगे की जांच अब दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

दरअसल, 20 फरवरी को AI समिट के दौरान 11 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहराते हुए ‘PM मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगा रहे थे। उस समय प्रधानमंत्री कार्यक्रम में मौजूद थे। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठे थे।

इस गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी असंवैधानिक है और इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi की सनक का परिणाम बताया। वहीं Rahul Gandhi ने भी बयान जारी कर कहा कि उन्हें अपने उन साथियों पर गर्व है जिन्होंने बिना डरे देशहित में आवाज उठाई।

इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी करार देना गलत है। उनका कहना है कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे ‘एंटी-इंडिया’ बताना असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि जंतर-मंतर पर भी नेताओं को हिरासत में लिया गया।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर पुलिस इसे सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के रूप में पेश कर रही है। अदालत के फैसले और क्राइम ब्रांच की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here