मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महापौर निवास पर आयोजित तीज महोत्सव में भाग लिया : रेखा रानी
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महापौर निवास में आयोजित तीज महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झूलों,विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आनंद लिया। तीज महोत्सव में मेंहदी की खुशबू एवं रंगत,व्यंजनों के स्वाद और लोकगीतों की मधुर तान के बीच महिलाओं को तीज के त्यौहार की शुभकामनाएं दी। महापौर निवास में आयोजित तीज महोत्सव कार्यक्रम में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता,उप महापौर डॉ मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जय भगवान यादव, निगम की महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष रेखा रानी एवं समिति की उपाध्यक्ष शिल्पा कौर,निगम पार्षद, निगमायुक्त संजीव खिरवार एवं गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें मिलकर एक टीम की तरह कार्य करते हुए दिल्ली की लेगेसी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में दिल्ली का कलंक कहे जाने वाले कूड़े के पहाड़ों को कम करने की दिशा में काफी प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री महोदय ने कहा कि सभी निगम पार्षद दिल्ली को हरा भरा एवं स्वच्छ बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। रेखा गुप्ता ने कहा कि हरियाली तीज दिल्ली को हरा भरा बनाने का उत्सव बने ऐसी मेरी इच्छा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारे लोक त्यौहार हमें हमारी संस्कृति से जोड़कर रखते हैं और यह हम सब का दायित्व है कि हम ये परंपराएं आने वाली पीढ़ी के लिए सहेज कर रखें। उन्होंने कहा कि सावन माह में आने वाले इस त्यौहार के आयोजन में आज हो रही बारिश ने इस आयोजन में चार चाँद लगा दिये हैं। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि हरियाली तीज का त्यौहार प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान प्रदर्शित करने का भी अवसर है। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लोक त्यौहार समाज में प्रेम सौहार्द एवं उल्लास का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि ये पर्व पुरातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का काम करते हैं। प्रवेश वाही ने समस्त दिल्ली वासियों को तीज के पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारे लोक त्यौहार हमारी पुरातन संस्कृति की अटूट डोर हैं जो हमें हमारी परंपराओं और जड़ों से बांधे रखती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में नदियों,पहाड़ों प्रकृति को भी पूजनीय माना गया है और तीज प्रकृति का धन्यवाद करने का त्यौहार है जो हम सबका भरण पोषण करती है। प्रवेश वाही ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन प्रेम,हर्षोल्लास और सद्भावना को बढ़ाते हैं।



