त्योहारी सीजन में फल फूल रहा है मिलावट का धंधा : परमानन्द शर्मा
* कड़े नियम बनाने की जरूरत
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : वैसे तो राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर में साल भर ही मिलावट का धंधा जारी रहता है लेकिन त्योहारी सीजन में यह गोरख धंधा जो शोर से शुरू हो जाता है और ये सौदागर भोली भली जनता के जीवन से खेलते हुए अपनी तिजोरियां भरते हैं | यह कहना है राम नगर वार्ड से कांग्रेस के पूर्व निगम प्रत्याशी परमानन्द शर्मा का | परमानन्द शर्मा कहते है गत दिनों कई खाद्य सामग्रियों खासतौर से देसी घी और खोये में मिलवाट के मामले सामने आये हैं जो की चिंताजनक है |
परमानन्द शर्मा कहते हैं मिठाइयों में नकली खोया और नकली दूध से बनी मिठाइयां बेरोकटोक बिकती है । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का अमला अपनी कुंभकरण नींद से त्यौहारों के दौरान ही कुछ समय के लिए जागता है और कुछ प्रतिष्ठानों से मिठाइयां दूध तथा खोवा आदि बरामद कर उसे जांच के लिए भेज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है। बाजार में मिठाइयों की मांग बढऩे से मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। परमानन्द शर्मा कहते हैं ना सिर्फ मिलावटी मिठाई धड़ल्ले से बेची जाती है बल्कि पुरानी मिठाइयों को भी नया रूप देकर उसे आकर्षक पैकिंग के साथ खपा दिया जाता है। जिसके सेवन से लोग बीमार भी पड़ जाते हैं। यह जनस्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है। लेकिन इस गोरखधंधे को रोकने के लिए प्रभावी पहल नहीं की जा रही है। मिलावटखोरों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है।
परमानन्द शर्मा कहते हैं हालांकि दिल्ली सरकार ने त्योहारी सीजन में खाने-पीने की चीजों में होने वाली मिलावट को रोकने के लिए योजना बनाई है । स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बोतलबंद पानी, पैक्ड फूड और मिठाइयों की क्वालिटी की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर किसी भी ब्रांड या दुकान पर फूड सेफ्टी के नियमों का उल्लंघन मिला तो बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने जोर देकर कहा कि त्योहारों पर बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसी भी कीमत पर मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खास तौर पर उन मिठाई की दुकानों की चेन पर नजर रखने को कहा है जो एक ही नाम से चल रही हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि बाजार में कई ऐसे बोतलबंद पानी के ब्रांड हैं जिन पर मिलावट का शक है और उनकी सख्ती से जांच होनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के सभी 11 जिलों में जांच टीमें सैंपल इकट्ठा कर रही हैं। परमानन्द शर्मा कहते हैं लेकिन दिल्ली भर में व्यापक स्तर पर जांच करने के लिए दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त स्टाफ ही नहीं जिसके चलते मिलावटखोरों में कोई भय नहीं रहता और यदि कोई मिलावट करने वाला हत्थे भी चढ़ता है तो लचर कानून के चलते कोई बड़ा एक्शन नहीं हो पाटा | परमानन्द शर्मा कहते है मिलवट पर रोकथाम लगाने के लिए कड़े प्रावधान करने की जरूरत है ,कानून सख्त बनाने की जरूरत है |



