Chhattisgarh Naxal Attack: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीजेपी नेता पूनम सत्यम की हत्या की, पुलिस जांच में जुटी
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार देर रात नक्सलियों ने भाजपा नेता पूनम सत्यम की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक यह घटना इलमिडी थाना क्षेत्र के मुझलकांकेर गांव में हुई, जहां नक्सलियों ने सत्यम को उनके घर से जबरन बाहर बुलाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। उनके घर के पास नक्सलियों द्वारा छोड़ा गया पर्चा भी बरामद किया गया, जिसमें मद्देड एरिया कमेटी ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली और आरोप लगाया कि सत्यम पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या को नक्सलियों के चार–पांच सशस्त्र सदस्य अंजाम दे रहे थे। घटना के तुरंत बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। बीजापुर के एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि पूरे इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और घटना की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि पूनम सत्यम भाजपा के मंडल स्तर के सक्रिय कार्यकर्ता थे और लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए थे।
राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यह हत्या नक्सलियों की हताशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग अब समझ रहे हैं कि हिंसा की विचारधारा का कोई भविष्य नहीं है और सरकार इस अतिवाद को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा के राज्य नेतृत्व ने भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ने की कोशिशें असफल होंगी और यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
सुरक्षा बलों के अनुसार, इस साल बस्तर संभाग में अलग-अलग घटनाओं में लगभग 40 लोगों की नक्सली हिंसा में जान जा चुकी है, जिनमें कई राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। मुझलकांकेर और मद्देड क्षेत्र पहले से ही नक्सल प्रभाव वाले इलाके माने जाते हैं।
इसी बीच, नक्सलियों के पोलित ब्यूरो सदस्य और सेंट्रल कमेटी सदस्य मल्लोजूला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू उर्फ भूपति ने अपने 60 साथियों के साथ गढ़चिरौली पुलिस के सामने सामूहिक आत्मसमर्पण किया। यह आत्मसमर्पण दक्षिण गढ़चिरोली जिले के घने जंगलों में हुआ, जो छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र क्षेत्र में है। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह कदम नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और जांच जारी है। प्रशासन और सुरक्षा बल नक्सलियों की गतिविधियों पर नज़र रखकर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के प्रयास कर रहे हैं।



