DJB Pensioners: पेंशनरों को इलाज की चिंता से राहत, कैशलेस चिकित्सा सुविधा बनी सम्मान की मिसाल : विनोद जायस
नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार ) : दिल्ली जल बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अब इलाज का खर्च पहले अपनी जेब से उठाकर बाद में प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 50 हजार से अधिक पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लिए शुरू की गई कैशलेस मेडिकल सुविधा का स्वागत करते हुए किसान मोर्चा भाजपा दिल्ली प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता विनोद जायस ने कहा कि यह पहल वर्षों तक दिल्लीवासियों की सेवा करने वाले पेंशनरों के सम्मान और उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। विनोद जायस ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें उम्र के साथ बढ़ती हैं और ऐसे समय में इलाज के लिए आर्थिक इंतजाम तथा कागजी औपचारिकताओं का बोझ उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने इस समस्या को समझते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें बड़ी राहत देने का काम किया है। अब पेंशनर और उनके परिवार के सदस्य उपचार के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सकीय जांच की सुविधा भी कैशलेस व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो व्यवस्था लागू होने से चिकित्सा सुविधा लेने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक होगी। सरकार का यह प्रयास केवल एक नई योजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना का प्रमाण है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में दिल्ली के लाखों घरों तक पानी और सीवर जैसी आवश्यक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विनोद जायस ने मुख्यमंत्री द्वारा लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण और महिलाओं तथा बच्चियों से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी के निर्देशों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। सखी सेंटरों की मासिक फॉलोअप रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे जाने से शिकायतों के निस्तारण और पीड़ितों को मिलने वाली सहायता की वास्तविक स्थिति पर निगरानी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पॉक्सो मामलों में विशेष सतर्कता, पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखना तथा पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया की नियमित निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है। रेखा गुप्ता सरकार द्वारा इन विषयों पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देना संवेदनशील मामलों में जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम है।



