रेखा गुप्ता सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए तमाम स्तरों पर प्रयास कर रही है : विनोद जायस
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने और पर्यावरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार द्वारा लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी, हॉटस्पॉट की पहचान और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई को तकनीक से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में भाजपा किसान मोर्चा दिल्ली प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता विनोद जायस ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए तमाम स्तरों पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उद्देश्य केवल प्रदूषण के मौसम में कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और रियल टाइम जानकारी के आधार पर मौके पर कार्रवाई की जा सके। निर्माण स्थलों, धूल, कचरा जलाने, सड़क की सफाई और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों की निगरानी को आधुनिक तकनीक से जोड़े जाने से कार्रवाई की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विनोद जायस ने कहा कि आईसीसीसी जैसी तकनीकी व्यवस्था से प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से जो वायदे किए थे, उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदम भी इसी दिशा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की सफाई, धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, स्मॉग गन तथा अन्य उपायों को तकनीकी निगरानी से जोड़ने से संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही, फील्ड में तैनात टीमों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को स्वच्छ और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार, संबंधित विभागों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। प्रदूषण नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की इन पहलों से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।



