महिला चिकित्सकों को मिलना चाहिए उचित प्रतिनिधित्व : डॉ. मीनाक्षी काव
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : आज पूरा देश “नारी शक्ति वंदन” की बात कर रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महिलाओं को देश की संसद और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में 33% प्रतिनिधित्व देने का संकल्प लिया है। ऐसे समय में यह अत्यंत चिंताजनक विषय है कि देश की राजधानी दिल्ली में चिकित्सकों की सर्वोच्च नियामक संस्था दिल्ली मेडिकल काउंसिल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नगण्य है। दिल्ली के चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिला चिकित्सक हैं , आज महिलाएं घर ,समाज और अपने कार्यक्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं, लेकिन निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा। यह कहना है डॉ. मीनाक्षी काव सह सचिव दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन का | डॉ. मीनाक्षी काव कहती हैं एक महिला चिकित्सक को अपने पेशेवर जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है , विशेषकर उन महिला डॉक्टरों के लिए संघर्ष और अधिक कठिन हो जाता है जिनके परिवार में कोई अन्य चिकित्सक नहीं है या जिनके जीवनसाथी डॉक्टर नहीं हैं। अकेले क्लीनिक चलाना, अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करना, प्रशासनिक दबावों और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना अपने आप में एक बड़ा संघर्ष है। डॉ. मीनाक्षी काव कहती हैं कटु सत्य यह भी है कि अनेक महिला चिकित्सक दिल्ली मेडिकल काउंसिल जैसी संस्थाओं से एक अनावश्यक भय और दूरी महसूस करती हैं। इस भय को समाप्त करना और महिला चिकित्सकों में विश्वास पैदा करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। महिलाओं की समस्याओं को एक महिला ही बेहतर ढंग से समझ सकती है — चाहे वह कार्यस्थल की चुनौतियां हों, सुरक्षा के मुद्दे हों, पेशेगत सम्मान हो या पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ संतुलन। डॉ. मीनाक्षी काव कहती हैं इन्हीं विचारों और महिला चिकित्सकों को सशक्त प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से मैंने डीएमसी चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। मेरा संकल्प है कि एक ईमानदार, पारदर्शी और सशक्त दिल्ली मेडिकल काउंसिल के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाऊंगी, चाहे युवा चिकित्सकों की समस्याएं हों, छोटे क्लीनिक संचालकों की चुनौतियां हों, अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के मुद्दे हों — हमारे पास हर वर्ग के चिकित्सकों के लिए एक विस्तृत और व्यवहारिक कार्ययोजना है। डॉ. मीनाक्षी काव कहती हैं मैं विश्वास दिलाती हूं कि एक महिला प्रतिनिधि के रूप में मैं सभी चिकित्सकों की आवाज बनकर कार्य करूंगी और महिला चिकित्सकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहूंगी।



