एक सप्ताह के भीतर प्रधानमंत्री नें निभाया जनता से किया वादा : विनोद जायस

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विनोद जायस
एक सप्ताह के भीतर प्रधानमंत्री नें निभाया जनता से किया वादा : विनोद जायस

एक सप्ताह के भीतर प्रधानमंत्री नें निभाया जनता से किया वादा : विनोद जायस

* इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से जो भी वादा करते है उसे पूरा करके दिखाते है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी उत्तर पूर्वी जिले के उपाध्यक्ष ठाकुर विनोद जायस का | विनोद जायस कहते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश में एक नई स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली की घोषणा की थी। इस रक्षा प्रणाली का उद्देश्य देश को हवाई हमलों से बचाना है। इस योजना का नाम सुदर्शन चक्र दिया गया है ,जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर भारत के बढ़ते कदम को दिखाती है।

ये रक्षा प्रणाली ऑपरेशन सिन्दूर के वक्त अलग-अलग शहरों में हुए हवाई हमले से निपटने में भविष्य में मदद करेगी। पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी घटना को याद करते हुए कहा था कि नाम पूछकर वहां पर लोगों को मारा गया। ऑपरेशन सिंदूर में सुदर्शन चक्र का जिक्र करते हुए कहा सुदर्शन चक्र ने दुश्मन के हमले को नाकाम किया। पीएम ने कहा भगवान श्री कृष्ण से प्रेरणा लेकर हमने उस सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। इसलिए राष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सुदर्शन चक्र मिशन को आगे बढ़ाने की बात करता हूं। 2035 तक राष्ट्रीय सुरक्षा को विस्तार किया जाएगा। अहम स्थलों को सुदर्शन चक्र से लैस किया जाएगा।

विनोद जायस कहते हैं भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से अपने संबोधन में ऐलान किया था कि देश अब ‘सुदर्शन चक्र’ नामक नई मिसाइल डिफेंस पहल की दिशा में आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा था कि यह पहल निगरानी, साइबर सुरक्षा और फिजिकल डिफेंस को जोड़कर देशवासियों और अहम ढांचों की रक्षा करेगी | घोषणा के महज आठ दिन बाद ही भारत ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया. 23 अगस्त को ओडिशा तट पर देश ने स्वदेशी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का पहला सफल परीक्षण किया | प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से कहा था कि सुदर्शन चक्र दुश्मन के हमले को सिर्फ नाकाम नहीं करेगा बल्कि पलटवार भी करेगा. आने वाले वक्त में इसे वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और थल सेना के आकाश तीर से जोड़ने की योजना है |

विनोद जायस कहते हैं भारत पहले से ही एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली का संचालन करता है, जिसने मई के संघर्ष के दौरान लगभग 100 घंटों तक पाकिस्तानी मिसाइल हमलों को विफल करके अपनी क्षमता साबित की थी, लेकिन सुदर्शन चक्र का लक्ष्य एक मजबूत और अधिक व्यापक शील्ड बनाना है। सम्भावना है कि जवाबी हमले के लिए भारत की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के भंडार में वृद्धि हो सकती है, जिसमें प्रलय (500 किमी रेंज), निर्भय (1,000 किमी रेंज, जो सब-सोनिक गति से जमीन पर हमला करने में सक्षम है), और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (800 किमी) जैसी नई मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। सुदर्शन चक्र रक्षा प्रणाली को के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा।

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