सुप्रीम कोर्ट नें दिल्ली सरकार के दावों की खोली पोल : अरुण तोमर

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अरुण तोमर
सुप्रीम कोर्ट नें दिल्ली सरकार के दावों की खोली पोल : अरुण तोमर

सुप्रीम कोर्ट नें दिल्ली सरकार के दावों की खोली पोल : अरुण तोमर

* सरकार के सिस्टम पर किया कड़ा प्रहार

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : सुप्रीम कोर्ट नें दिल्ली में बरसात से होने वाले हालात पर सोमवार को बड़ी टिप्पणी की | चीफ जस्टिस ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा, दिल्ली में आप जानते हैं कि क्या होता है. अगर दो घंटे बारिश हो जाए तो पूरा शहर लकवाग्रस्त हो जाता है यानी पूरा सिस्टम लाचार दिखता है |

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर नें कहा यह दिल्ली सरकार के सिस्टम पर कड़ा प्रहार है दिल्ली सरकार के साथ-ट्रिपल इंजन की सरकार को इससे सबक लेने की जरूरत है खुद की पीठ थपथपाने की बजाय आईना देखने की जरूरत है ,आखिर कहाँ हमारे सिस्टम में कमी है जो सुप्रीम कोर्ट तक को टिप्पणी करनी पड़ रही है |

अरुण तोमर कहते हैं दिल्ली में बारिश के दौरान जलभराव, भारी ट्रैफिक जाम, बिजली कटौती और परिवहन व्यवस्था में बाधा जैसी समस्याएँ आम हैं | मुख्य न्यायधीश की टिप्पणी ने शहर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जहाँ लोग दिल्ली की बदहाल स्थिति पर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की कमी पर सवाल उठा रहे हैं | एक तरफ तो दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियन्त्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा सब कुछ नियन्त्रण में होने के दावे करते हैं वहीं मुख्य न्यायधीश पूरे सिस्टम को आईना दिखा रहे है | पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश ने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया है।

निचले इलाकों में पानी भरने से लेकर प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम तक, दिल्लीवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चीफ जस्टिस ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार और नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हर साल बारिश का यही हाल होता है, फिर भी नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखता। अरुण तोमर कहते हैं हर बरसात के बाद मुख्यमंत्री का यह वादा कि अगली बरसात के दौरान जलभराव नहीं होगा और होगा तो जिम्मेदार अधिकारीयों को बक्शा नहीं जाएगा लेकिन बार-बार दिल्ली की सरकार जलभराव रोकने में नाकाम ही साबित रही है और अब तो सुप्रीम कोर्ट नें भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए है |

अब तो ट्रिपल इंजन सरकार को कोई कदम उठाने चाहिए | नालों की सफाई में हुए भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए ,आखिर बार बार चेतावनी के बाद भी कोई सुधर क्यों नहीं हो रहा इसकी भी जांच होनी चाहिए | केवल यह कहने से कुछ नहीं होने वाला पहले से हालत अच्छे है | और यदि अच्छे हैं तो बार-बार क्यों जलभराव झेल रही है दिल्ली |

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