बादली विधानसभा के दुर्गा चौक भलस्वा डेयरी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया : देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में दिल्ली में लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं एवं बदहाल कानून व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली की गूंगी बहरी सरकार को जगाने के लिए बादली विधानसभा के दुर्गा चौक थाना भलस्वा डेयरी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। श्री यादव ने श्रद्धानंद कॉलोनी ई ब्लाक, भलस्वा डेयरी क्षेत्र में दुर्गा मंदिर के पुजारी को 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर अपराध करने पर उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कैसा तानाशाही शासन है जिसमें कोर्ट के आदेश के बाद और परिवार के दबाव पर पुलिस नाबालिग के साथ अपराध करने वाले के एफआईआर दर्ज करती है लेकिन दोषी को गिरफ्तार नही करती है | देवेन्द्र यादव के साथ भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। प्रदर्शनकारी दुर्गा मंदिर के पुजारी के खिलाफ ‘‘पुजारी नही बलात्कारी है, पुलिस उसकी रखवाली है, ‘‘लवकुश पुजारी को गिरफ्तार करो-गिरफ्तार करो’ आदि नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और लोकतांत्रिक दायरे में किया गया। देवेन्द्र यादव ने कहा कि भलस्वा क्षेत्र की श्रद्धानन्द कॉलोनी का नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना गंभीर और चिंताजनक है, जिसने समाज के प्रत्येक नागरिक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दुर्गा मंदिर के पुजारी द्वारा किए गए इस कुकृत्य से धर्म, आस्था और विश्वास के नाम असामाजिक तत्वां को बढ़ावा देगा।

भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामला पोस्को एक्ट के कड़े कानून के अंतर्गत आता है, पीड़िता के दर्ज बयान पर पुजारी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 6 महीनों से मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि दोषी का खुलेआम घूमना दूसरी लड़कियों के लिए खतरा और प्रभावित नाबालिग और परिवार वालों को मानसिक दबाव व कुछ और न हो जाए इसका डर सता रहा है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं, नाबालिग बेटियों के साथ जिस तरह दर्दनाक घटनाएं, बलात्कार, छेड़खानी और झपटमारी जैसे मामले बढ़ने से समाज में भय का माहौल पनप रहा है, जबकि दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की कानून व्यवस्था में सुधार लाने के लिए न कोई चिंता जता रही है और न ही केन्द्रिय गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप को लेकर उनके साथ चर्चा कर रही है।



