टास्क पूरे नहीं करने वाले ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को हटाने की तैयारी आदर्श नगर जिले से हुई शुरुआत – अश्वनी भारद्वाज
नई दिल्ली ,देशभर में पार्टी द्वारा सौंपे गए टास्क पूरे करने के बाद दिल्ली कांग्रेस को 98 फीसदी से ज्यादा अंक मिलने के बाद पहला स्थान प्राप्त हुआ है | लिहाजा दिल्ली कांग्रेस के कार्यों की चर्चा देश भर में हो रही है | दो साल पहले दिल्ली कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद देवेन्द्र यादव नें जो जमीनी मेहनत की थी अब पार्टी हाईकमान में उसकी चर्चा है और सभी राज्यों को पार्टी निर्देश दे रही है दिल्ली की तर्ज पर काम करना शुरू कर दें | बतौर देवेन्द्र यादव पहले स्थान के लिए जितनी मेहनत करनी होती है उससे ज्यादा मेहनत शायद उस स्थान या दूसरे शब्दों में कहें तो रुतबे को बनाये रखने के लिए करनी होती है जो कि आसान काम नहीं होता | लेकिन कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता , एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों | यह प्रसिद्ध पंक्ति महान हिंदी कवि दुष्यंत कुमार की एक गजल का हिस्सा है | यह पंक्ति कठिन समय में भी हिम्मत नहीं हारने की प्रेरणा देती है | जी हाँ आप सही समझे आज से दो साल पहले कांग्रेस दिल्ली में एक कठिन दौर से ही गुजर रही थी लेकिन कड़ी मेहनत के बल पर देवेन्द्र यादव नें टीम वर्क के माध्यम से एक मजबूत सन्गठन खड़ा कर लिया है जिसके बूते ही शायद पहली बार दिल्ली में 13 हजार से ज्यादा बीएलए बना दिए है | यानी बूथ स्तर पर पार्टी खड़ी हो गई है , बावजूद इसके देवेन्द्र अभी सन्गठन को और धार देने की योजना बना रहे हैं | अभी भी दिल्ली के कई ब्लाक अध्यक्ष अपनी कार्यकारणी और मनडलम की कार्यकारणी नहीं गठित कर सके है | पार्टी अब ऐसे लोगो से छुटकारा पाने में ही भलाई समझ रही है इस सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता | पार्टी नेत्रत्व नें अब ऐसे ब्लाक अध्यक्षों की लिस्ट बनानी शुरू कर दी है जो लगातार कोताही बरत रहे है | मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे करीब दो दर्जन नामों की पहचान की जा चुकी है जिनपर कभी भी गाज गिर सकती है | पार्टी या तो वहां कार्यकारी अध्यक्ष बना सकती है या उस ब्लाक अध्यक्ष और मंडलम अध्यक्ष की छुट्टी भी कर सकती है | चर्चा है इसी कड़ी के तहत आदर्श नगर जिले के तहत करीब आधा दर्जन ब्लाक अध्यक्ष पदमुक्त किये गए हैं | अब अन्य जिलों में भी यह कवायद तेजी से शुरू होगी इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | क्योंकि देवेन्द्र यादव ऐसी किसी भी कमजोर कड़ी को बर्दाश्त करने के हक में नहीं जिसकी वजह से पहले नम्बर पर पहुंची दिल्ली कांग्रेस की मेहनत पर कोई आंच आये | आज बस इतना ही …..



