निगम द्वारा सफ़ाई कर्मचारियों का सरेआम किया जा रहा है अपमान : संजय गहलोत

* मेयर को दी बहस करने की चुनौती
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत ने कहा कि निगम सरकार अब मुख्यमंत्री को भी गुमराह कर रही है कि निगम द्वारा 5000 कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है। संजय गहलोत ने कहा कि मेयर को अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए कि वर्ष 2013-14 में पूर्वी दिल्ली नगर में तत्कालीन स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन चौधरी महक सिंह की अगुवाई में स्टैंडिंग कमेटी में 5000 कर्मचारियों को नियमित करने हेतु 5000 नए पदों का सृजन किया गया था जिसके तहत क्रमशः 3000 शाहदरा साउथ एवं 2000 पद शाहदरा नार्थ हेतु पद आबंटित किये गए थे, जिसके अनुसार दोनों जोनों के कर्मचारियों को निगम पॉलिसी के अनुसार वर्ष 2004 से नियमित मान लिया गया था चूंकि निगम संकल्प पत्र के अनुसार पूर्वी निगम द्वारा प्रस्ताव पास किया था कि बेशक़ ये 2013-14 में सृजित किये जा रहे हैं परन्तु इन्हें 2004 से ही अमल में लाया जाएगा।
बाद में लेखा विभाग के अधिकारियों की हठधर्मी के चलते पेंच फंसाया गया, मजबूर होकर कर्मचारी कोर्ट की शरण मे पहुंचे जहां कोर्ट द्वारा उनके हित मे फैसला दिया कि कर्मचारी 2004 से ही पक्के माने जाएंगे। चेयरमैन संजय गहलोत ने कहा कि अब दोबारा से उन्ही कर्मचारियों को पक्का करने का सवाल कहाँ से पैदा होता है।
गहलोत ने कहा कि हजारों कर्मचारी इस बाबत आयोग में सम्पर्क कर रहे हैं तो बहुत ही दुविधा बनी हुई है कि उन्हें क्या जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे आयोग का चेयरमैन सच्चाई और ईमानदारी के अनुसार ही कार्य करने हेतु चेयरमैन नियुक्त किया है जिसके अनुसार उसी विचारधारा पर कार्य करके दिल्ली में विभिन्न विभागों एवं ठेकेदारी पर कार्य कर रहे करीब साढ़े 4 लाख लोगों के हित मे कार्य किया जाएगा। निगम में काबिज सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री को गुमराह करके झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर रही है।
चेयरमैन संजय गहलोत ने नाराजगी जाहिर करते हुए निगम के प्रभारी, प्रवक्ता और मेयर को चेतावनी स्वरूप कहा है अगर किसी बात की शंका है तो कभी भी दस्तावेज लेकर आयोग में आ जाएं, या किसी प्रकार की संवैधानिक बहस करने हेतु भी तैयार है परन्तु निगम सफाई कर्मचारियों को गुमराह या बेबस नही होने दिया जाएगा। संजय गहलोत ने कहा कि चेयरमैन बनने से पहले मेरी पृष्ठभूमि सफाई कर्मचारी की रही है लिहाजा इन सभी चीजों से भली भांति परिचित हूँ, कर्मचारियों का उत्थान करना ही हमारा परम धर्म है।

