Pink Saheli Smart Card: दिल्ली की महिलाओं को धोखा दे रही सरकार, मुफ्त बस यात्रा पर सुनीता धवन ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कृष्णा नगर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुनीता धवन ने इस व्यवस्था को लेकर दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए नई शर्तें लागू कर महिलाओं को परेशानी में डाल रही है।
सुनीता धवन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना लागू की है। उनके अनुसार, पिंक टिकट के माध्यम से मुफ्त यात्रा की सुविधा 10 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी, जिसके बाद मुफ्त सफर के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होगा। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी शर्तों के कारण कई महिलाओं को योजना का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने के बजाय ऐसी शर्तें लागू की जा रही हैं, जिनसे लाभार्थियों के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पातीं, जिससे वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकती हैं।
सुनीता धवन ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के हित में काम करे और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार महिलाओं को राहत देने के बजाय योजनाओं के लाभ के लिए नई-नई शर्तें जोड़ रही है। उनके मुताबिक, मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधा का उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में सहूलियत देना है, इसलिए इसकी प्रक्रिया सरल और सुलभ होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सुनीता धवन ने मांग की कि मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का लाभ लेने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह मामला दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। जहां सरकार की योजना का उद्देश्य कार्ड आधारित व्यवस्था के जरिए यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है, वहीं विपक्ष की ओर से इसके क्रियान्वयन और महिलाओं को होने वाली संभावित परेशानियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।



