केदारनाथ में शटल ऑपरेशंस में शामिल 5 हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगा है। ये सभी अनियमिताओं के दोषी पाए गए हैं। 2 अन्य ऑपरेटर्स के अधिकारियों को 3 महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। बताया जा रहा है की 31 मई को तीर्थयात्रियों को ऊंचाई पर ले जा रहे एक हेलिकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग हुई थी। इसके बाद जून में ऑडिट करने का फैसला किया गया। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि डीजीसीए के महानिदेशक ने केदारनाथ में शटल ऑपरेशंस में शामिल हेलीकॉप्टरों की मौके की जांच के लिए एक टीम का गठन किया था। 7 और 8 जून को टीम ने स्पॉट चेक किया जिसमें गंभीर उल्लंघन सामने आए। इसके बाद शटल ऑपरेशंस में शामिल सभी ऑपरेटर्स का विस्तृत ऑडिट करने का फैसला किया गया। 31 मई को दोपहर करीब डेढ़ बजे थम्बे एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एक बेल 407 हेलीकॉप्टर केदारनाथ हेलीपैड पर उतरते समय अनियंत्रित हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर अस्थिर हालत में हेलीपैड की ओर आया और इसे स्पर्श करने के दौरान हेलीकॉप्टर जमीन से जोर से टकराया, कुछ ऊपर उठ गया। इसके बाद 270 डिग्री मुड़ गया, दोबारा जमीन पर जोर से टकराते हुए उतरा था। वहीं आपदा और कोरोना महामारी के बाद इस बार केदारनाथ यात्रा अच्छी तरीके से चल रही है और यात्रा ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मात्र साढ़े तीन महीने में ही 10 लाख 12 हजार से ज्यादा यात्री केदारनाथ पहुंचे हैं। अभी दो महीने की यात्रा शेष बची हुई है। उम्मीद जताई जा सकती है कि अभी भी दो लाख से अधिक यात्री केदारनाथ पहुंचेंगे, जोकि अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा।





