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केंद्र का किसानों को तोहफा, पहले की तरह सात फीसदी की दर से मिलेगा कर्ज

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केंद्र सरकार ने आज की कैबिनेट मीटिंग में किसानों को राहत देने के लिए बड़ा एलान किया है। जिसमे आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना परिव्यय को 50,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपये किया। इसकी पूरी जानकारी केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि, ‘हम किसानों को पहले दिन से प्राथमिकता दे रहे हैं। किसानों को क्रेडिट कार्ड पर छोटी अवधि के लिए तीन लाख रुपये का कर्ज मिलता है। इस पर सात फीसदी की दर से ब्याज चुकाना होता है। अगर किसान सही समय पर इसका भुगतान करते हैं तो उन्हें तीन फीसदी की छूट मिलती है। यानी किसानों को मात्र चार फीसदी की दर से ही ब्याज देना होता है। छोटी-बड़ी और क्षेत्रीय-ग्रामीण जैसी अलग-अलग बैंकों की तरफ से किसानों को यह सुविधा मिलती है। मई 2020 में बैंकों को सरकार की ओर से दो फीसदी छूट की मदद मिलना बंद कर दी गई थी क्योंकि तब ब्याज दरें कम थीं। अब आरबीआई ने दो बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। किसानों पर ब्याज दर का ज्यादा बोझ न पड़े या फिर जो बैंक किसानों को सात फीसदी की ब्याज दर से कर्ज देते हैं, उन पर बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने यह फैसला किया है कि वह ब्याज दर में डेढ़ फीसदी की सहायता करेगी। यह मदद वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक रहेगी। किसानों को पहले की तरह सात फीसदी की दर से कर्ज मिलता रहेगा।

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