Haryana Roadways Strike: राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 9 जुलाई को शामिल होंगे रोडवेज कर्मचारी, बसों का संचालन रहेगा ठप
वेतन वृद्धि, तबादला नीति, हिट एंड रन कानून रद्द करने समेत कई मांगें रखीं
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी आगामी 9 जुलाई 2025 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेंगे। इस दौरान प्रदेशभर में रोडवेज बसों का चक्का जाम रहेगा, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यह फैसला हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ और सीटू हरियाणा के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल द्वारा पलवल डिपो में हुई बैठक में लिया गया।
हिट एंड रन कानून व लेबर कोड के विरोध में उतरे कर्मचारी
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में हिट एंड रन कानून और चार लेबर कोड बिलों को तत्काल रद्द करने की मांग शामिल है। साथ ही कर्मचारियों ने नई ऑनलाइन तबादला नीति को भी खत्म करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यह नीति कर्मचारियों के पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर रही है, और इसके स्थान पर आपसी सहमति से पारंपरिक तबादला प्रक्रिया बहाल की जानी चाहिए।
वेतन वृद्धि व प्राइवेट बसों पर आपत्ति
बैठक में यह भी मांग उठी कि ड्राइवरों का मासिक वेतन 52 हजार रुपए और कंडक्टरों का 35 हजार 400 रुपए किया जाए। साथ ही, प्राइवेट सेक्टर की इलेक्ट्रिक बसों को भी रोडवेज विभाग में शामिल करने की मांग रखी गई है, ताकि रोजगार के अवसर निजीकरण की ओर न झुकें।
सरकार ने अब तक नहीं की वादों पर कार्रवाई
राज्य उप प्रधान जय कुंवर दहिया ने बताया कि 22 मई को रोडवेज महानिदेशक और तत्कालीन परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार ने कई मांगें स्वीकार की थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
कर्मचारी नेता योगेश शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर नीति परिवारों को अलग कर रही है, जिससे कर्मचारियों की सामाजिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए चार टीमें बनाई गई हैं, जो पूरे हरियाणा में कर्मचारियों को लामबंद कर रही हैं।
किसानों-मजदूरों के समर्थन में भी उतरेंगे कर्मचारी
यह हड़ताल केवल रोडवेज कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका समर्थन किसानों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग के साथ भी जोड़ा गया है।
बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी
पलवल डिपो में हुई बैठक में जयसिंह चौहान, जितेंद्र डागर, देवेंद्र, लोकेश, मांगेराम, अनिल कुमार, राज सिंह, गजराज, नरेंद्र हैड, हेमराज और सुखबीर चालक समेत सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए और हड़ताल को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया।

